बलिया। ब्लड प्रेशर की समस्या है और चिकित्सक जांच की सलाह देते हैं। तो आप भूलकर भी जिला अस्पताल न जाइए। जिला अस्पताल में ब्लड प्रेशर की मशीन होते हुए भी आपको भटकना पड़ रहा है। ओपीडी में जांच न होने से इमरजेंसी में मरीज पहुंचकर चिकित्सक संग विवाद करते हैं।
जिला अस्पताल में प्रतिदिन 1500 से ऊपर मरीज इलाज कराने पहुंचते है। इसमें करीब 116 मरीज हाई ब्लड प्रेशर की शिकायत लेकर आते हैं। वह बीपी जांच के लिए ओपीडी में डॉक्टर से गुजारिश करते हैं, मरीजों की ज्यादा भीड़ होने के कारण ओपीडी के डाक्टर मरीज को ब्लड प्रेशर की जांच के लिए इमरजेंसी कक्ष में भेज देते हैं। जब मरीज इमरजेंसी कक्ष में पहुंचता है तो वहां मौजूद कर्मचारी हाथ खड़े कर लेते हैं। इमरजेंसी में रक्तचाप की जांच के लिए अक्सर मरीज व चिकित्सक में कहासुनी होती रहती है।
मंगलवार को सुखपुरा गांव निवासी अंजनी कुमार को बेचैनी की शिकायत होने पर फिजिशियन के यहां जांच कराने पहुंचे, चिकित्सक ने ब्लड प्रेशर जांच कराने की सलाह देकर इमरजेंसी भेज दिया। इमरजेंसी में चिकित्सक ने दुर्घटना में घायल मरीज का इलाज कराने के नाम पर जांच करने से मना कर दिया। इसको लेकर मरीज गाली गलौज करने लगा, आसपास के लोगों ने उसे शांत किया, खाली होने के बाद चिकित्सक ने जांच की। चिकित्सक ने बताया कि इस तरह के रोज 20 से 25 मरीज आते हैं। हमलोग गंभीर मरीज का इलाज करें की बीपी नापें। अस्पताल में रोज 20 से 25 पैरामेडिकल छात्र ट्रेनिंग के लिए आते हैं। वहीं, महिला अस्पताल में बीपी व वजन नापने के लिए अलग से स्टाप की तैनाती है। उसके बावजूद अस्पताल प्रशासन ब्लड प्रेशर मपवाने की व्यवस्था नहीं करवा रहा है। इस बाबत सीएमएस डाॅ. एके यादव ने कहा कि ओपीडी में चिकित्सक जरूरत के अनुसार मरीजों का ब्लड प्रेशर चेक करते हैं। इस तरह की कोई शिकायत नहीं मिली है।