सावन के पहले सोमवार को महादेव शिव के दर्शन के लिए रविवार को जहां अधिकांश शिवालय सज गए थे वहीं कई में सफाई और रंगरोगन का काम देर रात तक चलता रहा। उधर, प्रशासन ने भी कांवरियों की आमद और श्रद्धालुओें को देखते हुए सुरक्षा व्यवस्था को अंतिम रूप दे दिया था। वन के पहले सोमवार को जनपद में शिवभक्तों उमड़ेंगे। जो विभिन्न शिवालयों और मंदिरों में भगवान शंकर की पूजा अर्चना करेंगे।
बाबा बालेश्वर नाथ के दर्शन के लिए मंदिर के कपाट प्रात: तीन बजे से खुल जाएंगे। गोलारोड स्थित कैलाश धाम और भृगु मंदिर को भी सजावट देर रात तक होती रही। कांवरियों के लिए भी विशेष व्यवस्था की गई है। ग्रामीण क्षेत्र के दिउली स्थित बाबा बालखंडी नाथ, छितौनी स्थित छितेश्ववर नाथ, असेगा स्थित शोकहरण नाथ, सहतवार स्थित पंचमंदिर शिवालयों को भी प्राकृतिक व आधुनिक उपकरण से सजाया जा रहा था। उधर, महावीर घाट, कीनाराम घाट, पचरूखिया घाट, मझौवा घाट, हुकुमछपरा घाट, गंगापुर घाट, नरदरा भूसौला घाट स्नान करने लायक नहीं है। प्रशासन यहां कांवरियों को स्नान नहीं करने देगी। ताकि हादसा न हो। बारिश के चलते गंगा में जलस्तर में काफी वृद्धि हो गई है इससे इन घाटों की गहराई 20 से 40 फुट तक हो गई है।