जिला सर्राफा मंडल एवं जिला स्वर्णकार संघ के संयुक्त तत्वावधान में गुरुवार को सोने एवं हीरे के जेवरात पर लगाए गए उत्पाद शुल्क एवं दो लाख तक के गहने की खरीद पर ग्राहकों से पैन कार्ड लेने की अनिवार्यता के विरोध में जनपद की सभी सराफा की दूकानें बंद रहीं।
स्वर्ण व्यापारियों ने वित्तमंत्री अरुण जेटली के खिलाफ नारे लगाते हुए नगर का भ्रमण किया और सरकार के इस टैक्सेशन का विरोध किया।
स्वर्ण व्यवसायियों को संबोधित करते हुए सराफा मंडल के जिलाध्यक्ष एवं उप्र स्वर्णकार संघ के प्रांतीय उपाध्यक्ष सुनील सर्राफ ने कहा कि वित्तमंत्री द्वारा लगाए गए उत्पाद शुल्क से पुन: इंस्पेक्टर राज की वापसी होगी और छोटे व्यापारियों और कारीगरों का शोषण चालू हो जाएगा।
छोटा कारीगर जो कारीगरी कर अपने परिवार का बमुश्किल भरण-पोषण कर पाता है। वह टैक्स कहां से दे पाएगा। जनता को भाजपा को सरकार से काफी उम्मीदें थी, लेकिन यह सरकार मध्यम वर्ग के व्यापारियों का व्यापार ही बंद कराने पर उतारू है। जबकि वोट सबसे ज्यादा व्यापारी ही देता है।
सभा को संबोधित करते हुए स्वर्णकार संघ के प्रांतीय सचिव अशोक कुमार ने कहा कि यह बंदी गुरुवार और शुक्रवार को रहेगी। अगर सरकार इस पर तत्काल कोई निर्णय नहीं लेती तो स्वर्ण व्यवसायी अपनी-अपनी दूकानें अनिश्चितकालीन के लिए बंद करेंगे।
जो कि पूर्व में भी 2012 में विरोध करते हुए लगातार 21 दिनों तक बंदी कर चुके हैं। सभा में प्रमुख रूप से संतोष सोनी, रामजी वर्मा, दशरथ सोनी, जितेंद्र वर्मा, अनिल सराफ, सोनू वर्मा, बंटी वर्मा, राकेश आदि लोग रहे।
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