बैरिया। ग्रामीणों की शिकायत पर प्राथमिक विद्यालय में निरीक्षण पर पहुंचे उपजिलाधिकारी अत्रेय मिश्र को सभी अध्यापक और शिक्षामित्र लापता मिले। 115 छात्र-छात्राओं के सापेक्ष में सिर्फ तीन छात्र-छात्राएं विद्यालय पहुंची थीं। शिक्षकों और शिक्षा व्यवस्था की पोल खुलकर सामने आ गई।
उल्लेखनीय है कि इब्राहिमाबाद गांव के विनोद साहनी, हरेंद्र चौधरी और भोलानाथ राय ने जिलाधिकारी और बेसिक शिक्षा अधिकारी को शिकायती पत्र देकर मेन्यू के अनुसार मध्याह्न भोजन नहीं बनाने और शिक्षकों के विद्यालय नहीं आने की शिकायत की थी। आरोप लगाया था कि हमलोग गरीब तबके के आदमी हैं। हमारे बच्चे प्राथमिक विद्यालय इब्राहिमाबाद नंबर दो में पढ़ते हैं। इस संदर्भ में जरूरी कार्रवाई की जाए। जिलाधिकारी के निर्देश के क्रम में शनिवार की सुबह 08.15 बजे उपजिलाधिकारी प्राथमिक विद्यालय इब्राहिमाबाद नंबर दो पर पहुंच गए। वहां सिर्फ दो रसोइयां संध्या देवी और देवंती देवी मौजूद थीं। इनके अलावा, तीन बच्चे विद्यालय प्रांगण में घूम रहे थे। अन्य सभी शिक्षक और शिक्षामित्र अनुपस्थित रहे। उपजिलाधिकारी के निरीक्षण के दौरान ही 10 मिनट बाद प्रभारी प्रधानाध्यापक सदानंद सिंह विद्यालय पहुंचे। एसडीएम ने उनसे पूछा कि सात बजे से विद्यालय चलता है, अभी तक कहां थे। प्रभारी प्रधानाध्यापक के पास कोई जवाब नहीं था। उपजिलाधिकारी ने सभी शिक्षकों और शिक्षामित्रों को रजिस्टर में अनुपस्थित लगाकर उसकी रिपोर्ट जिलाधिकारी को उचित कार्रवाई के लिए भेज दी है। उपजिलाधिकारी के इस कार्रवाई के बाद लेटलतीफ विद्यालयों में जाने वाले शिक्षकों में हड़कंप मच गया है।
बोलीं शिक्षिका, मैं अवकाश पर
बैरिया। विद्यालय में तैनात सहायक अध्यापिका अंकिता पांडेय ने बताया कि मैंने ऑनलाइन आवेदन एक दिन पहले ही करके अवकाश पर थी। बावजूद इसके उपस्थित पंजिका में अवकाश चढ़ाने की जगह मुझे अनुपस्थित कर दिया गया है, जो नियम के विपरीत है। इस संदर्भ में खंड शिक्षा अधिकारी अवधेश कुमार राय ने बताया कि मुझे कोई जानकारी नहीं है। मेरा स्थानांतरण यहां से चंदौली हो गया है।