बलिया। जिला महिला अस्पताल का पर्ची काउंटर पर सोमवार को दो काउंटर की जिम्मेदारी एक ही कर्मचारी संभाल रहा था। रजिस्टर में एक्सपायरी दवाओं का अंकन पाया गया लेकिन रजिस्टर हस्ताक्षरित नहीं मिला।
इस तरह की अन्य लापरवाही अपर निदेशक चिकित्सा व स्वास्थ्य के नेतृत्व में टीम ने निरीक्षण के दौरान पाया। सोमवार को जिला महिला अस्पताल और जिला अस्पताल का टीम ने निरीक्षण किया। साथ ही साथ दवा काउंटर, जांच और ओपीडी के संसाधन की जानकारी ली गई। सीएमएस कक्ष में रजिस्टरों का अवलोकन किया। एक्सपायर दवा रजिस्टर की भी जांच की गई। निर्देश दिया कि एक्सपायरी दवा का रजिस्टर हर हाल में हस्ताक्षरित होना चाहिए।
कर्मियों का स्वास्थ्य विभाग के पोर्टल पर दर्ज होना चाहिए। कई ऐसे कर्मचारी अथवा डाॅक्टर हैं जो कार्यरत हैं लेकिन उनका नाम पोर्टल पर दर्ज नहीं है। सीएमएस डॉ. राकेश को निर्देश दिया कि अस्पताल के चिकित्सकों व कर्मचारियों की बैठक 15 दिन में एक बार जरूर करें। इसे रजिस्टर में दर्ज करना भी आवश्यक है।
इससे अस्पताल की समस्याओं की जानकारी उपलब्ध होगी।जिला अस्पताल में भी टीम ने निरीक्षण किया। इसमें इमरजेंसी, ओपीडी, मेडिकल वार्ड के साथ-साथ अन्य स्थानों का भी निरीक्षण किया गया। यहां मानक के अनुरूप व्यवस्था नहीं पाई गई। जांच के समय डाॅक्टर व कर्मचारी एपरन में दिखे, जबकि रोज ऐसा नहीं होता है। इसके पहले रविवार को भी जिला अस्पताल की जांच की गई थी। जहां सफाई के निर्देश दिए गए थे।
अपर निदेशक चिकित्सा व स्वास्थ्य ने बताया कि प्रदेश सरकार के निर्देश पर सभी सरकारी अस्पतालों का निरीक्षण किया जा रहा है। इसके तहत मानव संसाधन, दवा, जांच तथा अन्य सुविधाओं की जानकारी जुटाई जा रही है।
इसमें कमी पाए जाने पर सुधार किया जाएगा। संसाधनों का सही रूप से दोहन के निर्देश दिए गए। अस्पताल प्रशासन को इसके लिए 15 दिन का समय दिया गया है।