बलिया। शहर के अंदर का कूड़ा डंप करने के लिए जगह नहीं बची है। बसंतपुर कूड़ा निस्तारण केंद्र फुल हो गया है। हालत यह कि गायत्री मंदिर मार्ग पर कूड़ा फेंक दिया जा रहा है। यह मार्ग गंगा तट तक जाता है। एक महीने से यह समस्या बनी है। दो महीने पहले एक-दो जगह भूमि देखी गई थी लेकिन अभी तक फाइनल नहीं हो सकी।
बसंतपुर कूड़ा निस्तारण केंद्र पर कूड़ा डंपिंग मानक से अधिक होने से प्लांट की मशीनों का संचालन भी एक महीने से ठप है। मशीन व मुख्य द्वार तक कूड़ा डंप हो गया है। कार्यदायी संस्था ने वहां पर कूड़ा गिरने से मना कर दिया है। इससे स्थिति काफी विकट हो गई है। हालत यह है कि शहर के अंदर कूड़ा उठाने से उसके डंपिंग की चिंता सफाई कर्मियों को सताने लगी है। फिलहाल गायत्री मंदिर गंगा मार्ग के किनारे एक गड्ढे में गिराया जा रहा है। शहर के 25 वार्ड से निकलने वाला कूड़ा करीब 14 जगहों पर डंप किया जाता है। इन स्थलों से कूड़े का जेसीबी व डंपर के माध्यम ये निस्तारण केंद्र भेजा जाता है।
एनसीसी तिरापे से मिड्ढी तक जगह-जगह जला रहे कूड़ा
शहर के एनसीसी तिराहा से मिड्ढी तक जगह-जगह रखे कूड़ों में सफाई कर्मियों ने आग लगा दी। सबसे बड़ी बात यह है कि उसके करीब पेट्रोल पंप भी है। नपा कर्मचारियों की इस लापरवाही से बड़ा हादसा भी हो सकता है। वहीं, कूड़ा जलाने से क्षेत्र का वातारण काफी देर तक दूषित रहा।
जेसीबी खराब होने से कूड़ा उठान में दिक्कत
नगर पालिका परिषद बलिया की जेसीबी करीब दस दिनों से खराब पड़ी हुई है। इसको बनवाने में नगर पालिका के जिम्मेदार तनिक भी रूचि नहीं दिखा रहे है, जिसके कारण उठान की दिक्कत होने लगी है। नगर पालिका परिषद के अधिकारियों के आश्वासन पर प्राइवेट जेसीबी से किसी तरह से उठान हो रहा है। नपा कर्मचारियों ने बताया कि जेसीबी मालिक भी बकाया भुगतान न होने से जेसीबी देने से मना कर दे रहे हैं। किसी तरह से शहर का कूड़ा उठाया जा रहा है।
वर्जन
कूड़ा गिरने से बदबू व सड़ांध से काफी दिक्कत हो रही है। नगर पालिका परिषद के अधिकारियों को इसके लिए मना किया जा रहा है लेकिन वह सुन नहीं है। -संजय यादव पूर्व सभासद
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नाला के पास कूड़ा गिराकर सफाई कर्मी भाग जा रहे हैं। इससे गंगा स्नान व गायत्री मंदिर में आने वाले लोगों को काफी दिक्कत हो रही है।
-मुन्ना गोंड, महावीर घाट
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इस क्षेत्र में बड़े ही मुश्किल से कूड़ा गिराना बंद हुआ था लेकिन एक माह से फिर शुरू हो गया है। पूछने पर बताया जा रहा है कि गड्ढा भरा जा रहा है। यह कतई उचित नहीं है।
-संदीप, बनकटा
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शहर का कूड़ा इस तरह खुले में फेंकने से गंदगी व बदबू से जीना दूभर हो गया है। लोग मुंह पर रूमाल रखकर निकलते हैं। सबसे अधिक दिक्कत वहां के रहने वालों के सामने हो रही है।
-बुलबुल यादव, गायत्री कालोनी
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वर्जन
जिलाधिकारी से कूड़ा निष्पादन के लिए भूमि मांगी गई है। इसके लिए तीन बार पत्र भेजा गया है। एमआरएफ सेंटर के लिए दो से पांच एकड़ भूमि की जरूरत है। शहर के कूड़ा जलाना गलत है। इसे संज्ञान में लेकर संबंधित के खिलाफ कार्रवाई की जाएगी।
-संत कुमार उर्फ मिठाई लाल, चेयरमैन, नगर पालिका परिषद, बलिया।
कूड़ा निस्तारण की समस्या बनी हुई है। इधर-उधर गिराकर काम चलाया जा रहा है। जेसीबी की समस्या बनी रहेगी। किसी तरह से शहर का कूड़े का उठान किया जा रहा है। दिन प्रतिदिन समस्या बढ़ती जा रही है।
-नदीम, सफाई इंस्पेक्टर।