बलिया जिले में प्राकृतिक गैस व तेल की खोज में जुटी ओएनजीसी की टीम ने स्वतंत्रता सेनानी चित्तू पांडेय के परिजनों समेत 50 लोगों की लगभग 7.5 एकड़ भूमि तीन वर्ष के लिए किराये पर ली है। इसमें सेनानी परिवार के आठ लोगों की छह एकड़ और 42 अन्य लोगों की 1.5 एकड़ भूमि शामिल है।
इसके लिए कंपनी की ओर से 10 लाख रुपये बतौर किराया दिया गया है। इसके एवज में कंपनी ने सेनानी परिवार के लोगों को करीब 8.5 लाख और अन्य को करीब 1.5 लाख रुपये बतौर किराया दिया है।
ऑयल एंड नेचुरल गैस कॉरपोरेशन लिमिटेड (ओएनजीसी) ने बीते वर्ष जिले में सर्वे कराया था। ओएनजीसी के वित्त एवं लेखा महाप्रबंधक और आलंबन प्रबंधक संजीव हजारिका ने बताया कि कंपनी के द्वारा कराए गए सर्वे में बलिया में प्राकृतिक गैस का भंडार होने के संकेत मिले। सर्वे में शहर से सटे सागरपाली के रट्टू चक के अलावा अन्य कुछ गांवों में भारी मात्रा में प्राकृतिक गैस मौजूद होने के संकेत मिले हैं।
उन्होंने बताया कि ड्रिलिंग मशीन के जरिये जमीन से 3.5 किलोमीटर नीचे तक खोदाई की जाएगी। अब तक करीब 500 मीटर की खोदाई का कार्य पूरा कर लिया गया है। बताया कि बीच में कड़ी मिट्टी मिलने से कुछ समय के लिए खोदाई का कार्य रुका, जो पुन: आरंभ हो गया है। कि खोदाई का कार्य पूरा होने के उपरांत गांव के किसानों की जमीन सरकार के माध्यम से कंपनी पट्टा पर लेगी।
पहली बार ड्रिलिंग करने में खर्च काफी आएगा, लेकिन जब यहां से प्राकृतिक गैस व तेल निकलना शुरू होगा तो 30 साल तक देश को बड़ा भंडार मिल सकता है। इसके अलावा सिर्फ बलिया ही नहीं, बल्कि पूरे प्रदेश में रोजगार और कारोबार के नए द्वार खुलेंगे।