सरकारी गाड़ी से आ रहे बलिया जिले की सिकंदरपुर के तहसीलदार साहब ने बृहस्पतिवार को कई ठेला, साइकिल और बाइक सवारों की जान आफत में डाल दी। हाल ये था कि कोई इधर भागा तो कोई उधर। इस आपाधापी में लोगों ने अपनी जान तो बचा ली, लेकिन तब भी एक बाइक सवार चोटिल हो गया तो कई ठेला व साइकिलें क्षतिग्रस्त हो गईं।
उधर, तहसीलदार साहब की गाड़ी रोड पर तभी थमी, जब वह नगर पंचायत की ओर से बनवाई गई सीमेंटेड कुर्सी से टकराई और उसे पूरी तरह ध्वस्त कर दिया। घटना स्थानीय नगर पंचायत के पास सुबह 10 बजे तब हुई जब बलिया जिला मुख्यालय से गाड़ी खुद चलाते हुए तहसीलदार साहब तहसील मुख्यालय आ रहे थे।
मिली जानकारी के अनुसार बृहस्पतिवार की सुबह 10 बजे बलिया से सिकंदरपुर खुद गाड़ी चलाते तहसीलदार सिकंदरपुर तहसील आ रहे थे। अभी वह बस स्टेशन चौराहा के समीप पहुंचे ही थे कि उन्हें नींद आ आ गई और देखते ही देखते उनकी गाड़ी रोड के किनारे खड़े ठेला वालों की तरफ मुड़ गई।
फिर क्या था बाजार में अफरातफरी मच गई और जिसको जिधर जगह मिली उधर भाग लिया। गाड़ी ठेला, साइकिल व बाइकों से टकराते हुए सड़क के किनारे बनी सीमेंटेड कुर्सी से जाकर टकरा गई। टक्कर इतनी जोरदार थी कि सीमेंटेड कुर्सी पूरी तरह से चकनाचूर हो गई। इसके बाद मौके पर पहुंची पुलिस ने ठेला वालों और साइकिल वालों को वहां से हटा दिया तथा तहसीलदार की गाड़ी को तहसील की तरफ मोड़ दिया।
यह अचानक हुआ हादसा था। इसमें किसी को गंभीर चोट नहीं आई। एक ठेला वाले को हल्की चोट आई थी, मामले में किसी ने कोई शिकायत भी नहीं की है। इसलिए कोई कार्रवाई नहीं की गई।
पवन कुमार, क्षेत्राधिकारी, सिकंदरपुर