ड्यूटी पर तैनात डॉक्टर संजय श्रीवास्तव से उक्त महिला के इलाज को लेकर कहासुनी हो गई। बाद में एक अन्य चिकित्सक ने महिला का इलाज किया। इसके बाद स्थिति ठीक होने पर ठेले से ही घर वापस लौट गई। गुरुवार को फिर तबियत खराब होने पर उक्त महिला को अस्पताल में भर्ती कराया गया। महिला का आरोप है कि ड्यूटी पर तैनात डॉक्टर ने ठीक से इलाज नहीं किया।
वहीं डॉक्टर संजय श्रीवास्तव ने बताया कि पीड़ित सुनीता को दर्द था। जिसके लिए उसे इंजेक्शन लगाया था। डॉक्टर के मुताबिक महिला को सदर अस्पताल रेफर किया गया। 108 एंबुलेंस को फोन कर बुलाने की सलाह दी गई थी लेकिन मरीज ने इंकार कर दिया। वह अपने परिजनों के साथ चली गई। इस बारे में पूछने पर सुनीता देवी ने चिकित्साधिकारी पर दुर्व्यवहार का आरोप लगाया। कहा कि पैसे के लिए उचित इलाज नहीं किया गया।
बता दें कि इससे पहले साधन न मिलने के कारण चिलकहर ब्लॉक के अंदौर निवासी शुकुल राजभर का अपनी बीमार पत्नी को 28 मार्च को ठेले पर लेकर चार किमी दूर चिलकहर पीएचसी जाने का वीडियो वायरल हुआ था। तब शुकुल की पत्नी की मौत हो गई थी।
मामले में उप मुख्यमंत्री ब्रजेश पाठक के हस्तक्षेप के बाद स्वास्थ्य महकमे में खलबली मच गई थी। उसके बाद से ही बलिया जिले में बदहाल स्वास्थ्य सेवाओं को लेकर खबरें खूब चर्चा में बनी हुई हैं। इधर, स्वास्थ्य केंद्र सोनबरसा से जुड़ी इस घटना ने फिर से स्वास्थ्य सेवाओं की पोल खोल दी है।