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बलिया में गंगा उफान परः बढ़ते जलस्तर को देख कटानरोधी कार्य को छोड़कर ठेकेदार हुए फरार, प्रति घंटे एक सेमी बढ़ रहा जलस्तर

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रामगढ़। गंगा नदी के बढ़ते जलस्तर को देख बाढ़ खंड ने हाथ खड़े कर दिए हैं। करीब 34 करोड़ की लागत से चल रहे कटानरोधी कार्यों को आधा-अधूरा छोड़कर ठेकेदार फरार हो गए हैं। एप्रन बिछाने के लिए खोदे गए गड्ढे बाढ़ के पानी से भर गए हैं। गंगा की लहरें राष्ट्रीय राजमार्ग-31 के करीब पहुंच गई हैं। केंद्रीय जल आयोग गायघाट के अनुसार, गंगा का जलस्तर रविवार की शाम 4:00 बजे 53.30 मीटर पर दर्ज की गई। साथ ही प्रति घंटा एक सेंटीमीटर का बढ़ाव बना हुआ है।
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गंगा नदी की लहरों से एनएच-31 को बचाने के लिए दशकों से बाढ़ खंड विभाग प्रयासरत है, लेकिन अब तक खतरा टला नहीं है। एनएच को बचाने के प्रयास में दर्जनों गांव गंगा में समा चुके हैं। इस बार प्रदेश में भाजपा सरकार बनी तो कटानरोधी कार्य का कुछ पैटर्न बदला, लेकिन बाढ़ खंड के अधिकारियों की वजह से ‘नया पैटर्न’ भी खटाई में पड़ गया है। लापरवाह अधिकारियों और ठेकेदारों की वजह से न सिर्फ ड्रेजिंग कार्य प्रभावित हुआ, बल्कि एनएच-31 को बचाने वाले कटानरोधी कार्यों की समय सीमा भी ध्वस्त हो गई। रामगढ़ में चल रहा कार्य पूरा नहीं हो सका है। गंगा का उफान दूसरी बार तेज हुई है। इस बीच ठेकेदार काम छोड़कर फरार हो गए। वहीं, गंगा के मुहाने पर बसे गांव के लोगों के साथ ही बंधे के उत्तर दिशा में बसे हजारों लोगों में चिंता बढ़ गई है। ग्रामीणों का आरोप है कि बाढ़ विभाग और ठेकेदारों की लापरवाही की वजह से योगी सरकार एक बार फिर कटघरे में दिखती नजर आ रही है।
अब बाढ़ के बाद ही होगा कार्य पूरा
इस बार बाढ़ विभाग ने गंगापुर डगरा के समीप करीब 11 करोड़ 53 लाख रुपए की लागत से सुनिधि इंटरप्राइजेज को एक स्पर और रिवेटमेंट का कार्य कराने का जिम्मा दिया था। काम फरवरी में शुरू हो गया, लेकिन ठेकेदारों की लापरवाही के कारण पांच माह बीतने के बाद भी कार्य पूरा नहीं हो सका। ठेकेदार आधा अधूरा काम छोड़कर फरार हो गए हैं। उनका तर्क है कि गंगा का जलस्तर घटने के बाद नवंबर माह में कार्य कराया जाएगा।
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30 फीसदी पर ही रुक गया कार्य
डेंजर जोन सोनार टोला के समीप की स्थिति काफी दयनीय है। यहां पर भी कटानरोधी कार्य कराने के लिए शासन स्तर से 11 करोड़ 95 लाख 28 हजार रुपए की लागत से अनमोल एसोसिएशन को कार्य कराने का जिम्मा मिला है। कार्य भी फरवरी में शुरू हुआ। मात्र 30 फ़ीसदी ही कार्य हुआ है और ठेकेदार ने कार्य कराना बंद कर दिया। पहले तर्क था कि बारिश के चलते कार्य रुका हुआ है। स्थिति यह है कि गंगा बैकरोलिंग की धारा सीधे सुनार टोला के समीप टकरा रही है। ग्रामीणों का आरोप है कि विभाग ने इस बार जो नया तरीका अपनाया, उसमें स्पर के बगल में एप्रन बिछाने के लिए राष्ट्रीय राजमार्ग-31 के करीब तक गड्ढ़े खोद दिए। काम भी पूरा नहीं हुआ। लोगों में यह भय बना हुआ है कि अगर गंगा नदी उफनाई तो राष्ट्रीय राजमार्ग खतरे में पड़ सकता है। ग्रामीणों का कहना है कि अनमोल एसोसिएशन पर बाढ़ विभाग काफी मेहरबान रहा। आज तक कार्य क्यों नहीं पूरा हुआ। सोनार टोला के समीप स्पर और चौबे छपरा दोनों जगह पर लगभग 24 करोड़ रुपये का कार्य भी इसी ठेकेदार के जिम्मे है। दोनों स्थानों पर इस ठेकेदार ने जमकर मानकों में अनदेखी की गई है। ग्रामीण शिकायत करते रह गए बावजूद आज तक इस ठेकेदार के खिलाफ किसी अधिकारी ने कोई कार्रवाई नहीं की।
गंगा का जलस्तर बढ़ने के कारण सुनार टोला व गंगापुर डगरा के समीप कार्य ठप है। गंगा का जलस्तर घटने के बाद कटान रोधी कार्य कराया जाएगा। - संजय कुमार मिश्र, एक्सईएन बाढ़ खंड
सरयू का जलस्तर लाल निशान के पार
रेवती। सरयू नदी का जल स्तर एक बार फिर बढ़ते हुए रविवार की शाम खतरा बिंदु को पार चला गया। लाल निशान 58 मीटर को पार करते हुए नदी रविवार की शाम 4 बजे 58.01 पर बह रही थी।इस बढ़ाव से दियारावासियों की चिन्ता बढ़ने लगी है। टीएस बंधा के डेंजर जोन से ठीक दक्षिण बसे तीलापुर के ग्रामीणों के बचाव के लिए निर्मित बंधा से ठीक उत्तर दिशा की ओर रगड़ करती बह रही है।
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