फ्री ई-पेपर
पर्सनलाइज़्ड फ़ीड
पर्सनलाइज़्ड नोटिफ़िकेशन
चलते-फिरते ख़बरें
लॉयल्टी रिवॉर्ड्स
विज्ञापन

Ballia News: अफसर भी जिम्मेदार, 20 टीमें करेंगी जांच

विज्ञापन
विज्ञापन
सामूहिक विवाह योजना में जैसे-जैसे जांच हो रही है फर्जीवाड़ा की परत खुलती जा रही है। मुख्यमंत्री सामूहिक विवाह कार्यक्रम में अपात्रों को लाभ दिए जाने के मामले को समाज कल्याण राज्य मंत्री (स्वतंत्र प्रभार) असीम अरुण ने गंभीरता से लिया है। जांच के बाद आरोपी सहायक विकास अधिकारी (समाज कल्याण) सुनील कुमार यादव को समाज कल्याण निदेशक ने बुधवार को निलंबित कर दिया। सीडीओ की ओर से जांच के लिए जिलास्तरीय अधिकारियों की ब्लॉकवार कुल 20 टीमें बनाई गई हैं। अभी कई अधिकारियों व कर्मचारियों पर कार्रवाई की भी संभावना है। उधर, जांच के बाद ब्लॉकों पर अपात्रों से सामानों की रिकवरी शुरू कर दी गई हैंं।
विज्ञापन


बीते 25 जनवरी को मनियर इंटर कॉलेज परिसर में मुख्यमंत्री सामूहिक विवाह समारोह का आयोजन किया गया। इसके बाद शादी में फर्जीवाड़ा की बात सामने आने लगी। इतना ही नहीं कई कन्याओं की ओर से घूंघट में खुद ही वरमाला डालने का वीडियो सोशल मीडिया पर वायरल हो गया। इसके बाद सोमवार को सीडीओ ने जांच के लिए ब्लॉकवार 20 अधिकारियों की टीम बनाकर जांच शुरु कर दी। पहले दिन की जांच के आधार पर आठ लाभार्थियों और एक एडीओ समाज कल्याण पर मुकदमा दर्ज कराया गया। जैसे-जैसे जांच चल रही है फजीवाड़ा की परत खुलती जा रही है। सीडीओ की नजर रैकेट पर है और इस बाबत जांच अधिकारियों को गोपनीय निर्देश भी है। अपात्रों से जांच अधिकारी गोपनीय तरीके से उन दलालों का नाम पता भी दर्ज कर रहे हैं, जिन्होंने अपात्रों को लालच देकर आवेदन कराया था। विभागीय अधिकारी दलाल और कर्मियों की सांठगांठ को तलाशने में भी जुटे हैं। उधर, शासन ने इस मामले का संज्ञान लिया है। समाज कल्याण विभाग के निदेशक ने एडीओ समाज कल्याण सुनील यादव को निलंबित कर दिया है। इसके अलावा अधिकारियों ने बुधवार को अपात्रों से शादी के नाम लिए एक सामानों की रिकवरी भी शुरु कर दी। ब्लॉक पर सामानों को रिकवर किया गया। बुधवार को भी पूरे दिन चार ब्लॉकों के गांवों में अफसरों की फौज सत्यापन में जुटी रही।
मिली जानकारी के अनुसार मनियर ब्लाक के 47 ग्राम पंचायतों से 179 जोड़ों को पंजीकृत किया गया था। सभी से सामानों की रिकवरी कराई जा रही है। बांसडीह से कुल 125 चयनित लाभार्थियों में 54 लाभार्थी अपात्र पाए गए हैं। बेरुआरबारी में 133 लाभार्थियों की जांच में 86 लोगों को अपात्र घोषित किया गया है। रेवती में 136 लाभार्थियों में 50 को अपात्र माना गया है। रिकवरी की कार्रवाई तेज कर दी गई है, जिनसे रिकवरी हो रही है उन्हें एफआईआर का डर सताने लगा है।
विज्ञापन

शादी अनुदान की जांच हो तो खुलेंगे कई राज
शादी अनुदान हो या सामूहिक विवाह योजना इन योजनाओं में वर्षों से गांव से लेकर विकास भवन स्थित कार्यालय तक रैकेट सक्रिय है। कई बार फर्जीवाड़ा सामने आने के बाद जांच में इसकी पुष्टि हुई लेकिन कार्रवाई नहीं होने के कारण रैकेट में शामिल दलाल व कर्मियों का मनोबल बढ़ता गया। वर्तमान में पिछड़ा वर्ग की ओर से संचालित शादी अनुदान योजना की भी जांच हो जाए तो कई चौंकाने वाले तथ्य व फर्जीवाड़ा सामने आएंगे।
आयोजित होने वाले सामूहिक विवाह के लिए डीएम ने दिए निर्देश
आठ फरवरी को नगर क्षेत्र के टाउन पॉलिटेक्निक परिसर में मुख्यमंत्री सामूहिक विवाह समाराेह का आयोजन तय है। इसको लेकर डीएम रविंद्र कुमार ने कड़ा रुख अपनाया है। डीएम ने आवेदकों के सत्यापन की जिम्मेदारी संबंधित बीडीओ को दी है। इतना ही नहीं इस बार मुख्य द्वार पर ही लाभार्थियों के चेकिंग की भी व्यवस्था होगी।
जांच अभी चल रही है। दर्ज मुकदमे की विवेचना में अन्य फर्जी लाभार्थियों, दलालों, अधिकारियों को शामिल किया जाएगा। इसके अलावा मास्टर माइंड की तलाश भी का जा रही है। इस प्रकरण ऐसी कार्रवाई होगी जो प्रदेश में नजीर बनेगी।
विज्ञापन

- रविंद्र कुमार, जिलाधिकारी, बलिया।
विज्ञापन
Next
AU ऐप में पढ़ें