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अब नर्सरी लगाकर आमदनी बढ़ाएंगी समूह की महिलाएं

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बलिया। अभी तक जिले में समूह की महिलाएं गाय के गोबर से गमला बनाकर व बिजली बिल जमा कर सहित अन्य काम करते हुए आय में इजाफा कर रही थी। अब समूह की महिलाएं नर्सरी लगाकर भी अच्छा लाभ अर्जित करेंगी। जिले के सभी ब्लॉकों के एक-एक गांव नर्सरी लगाने की तैयारी है। सरकार की तरफ से आर्थिक मदद भी दी जाएगी। पौधे बेचकर समूह की महिलाएं आर्थिक तरक्की कर सकेंगी।
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प्रदेश सरकार कोरोना महामारी से उत्पन्न बेरोजगारी की समस्या दूर करने के लिए ग्रामीण महिला स्वयं सहायता समूहों को आत्मनिर्भर बनाने के लिए तरह-तरह की सुविधाएं दे रही है। राष्ट्रीय ग्रामीण आजीविका मिशन के तहत जिले में 6000 महिला स्वयं सहायता समूहों का गठन किया जा चुका है। इन समूहों में 65000 महिला सदस्य हैं। महिलाओं को निजी तौर पर और समूह में रोजगार दिलाने के प्रयास जारी हैं। प्रदेश में वन आवरण बढ़ाने और स्वयं सहायता समूहों की आय में वृद्धि करने के उद्देश्य से तैयार की जाने वाली नर्सरी में पौध उगाने के लिए अब महिला स्वयं सहायता समूहों की मदद ली जाएगी। अधिकारियों की मानें तो नर्सरी के लिए समूह की महिलाओं को मनरेगा से पौधों की खरीद के लिए मदद दी जाएगी और वर्षा काल में पौधरोपण के लिए ग्राम पंचायतें मनरेगा के अंतर्गत पौध की खरीद कर ग्राम पंचायत के सार्वजनिक स्थल, चारागाह की भूमि, सड़कों के किनारे और किसानों की जमीनों पर लगाएंगी। इसके लिए जिले के प्रत्येक ब्लॉक में एक गांव चयन करने की प्रकिया शुरु की गई है। गड़वार ब्लॉक में एक गांव का चयन कर लिया गया है।
नर्सरी से समूह की महिलाओं को आर्थिक लाभ होगा। कुल 17 ब्लॉकों के एक-एक गांव में नर्सरी के कार्य में कुल 17 समूहों की 204 महिलाएं अपनी आमदनी बढ़ा सकेंगी।
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महिला स्वयं सहायता समूह की महिलाएं नर्सरी लगाकर अब लाभ कमाएंगी। इसके लिए प्रत्येक ब्लॉक में एक गांव चयन करने की प्रक्रिया शुरु की गई है। गड़वार ब्लॉक में एक गांव का चयन किया गया है। अभी प्रकिया चल रही है।
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- राजीव रंजन सिंह, जिला प्रबंधक, एनआरएलएम, बलिया
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