नोटबंदी के 16 दिन बाद भी समस्याएं जस की तस बनी हुई है। पूर्वांचल बैंक नरहीं पर पैसा लेने के लिए अभी भी लोगों की लंबी कतार लग रही है। बावजूद इसके पैसा नहीं मिल पा रहा है। चौंकाने वाली बात तो यह है कि समाजवादी पेंशन, वृद्धा पेंशन व विधवा पेंशन के पांच हजार से अधिक खाताधारक हैं,। जिनका पेंशन अभी तक रोक दिया गया है। यदि यह बैंक पर पहुंच गए तो स्थिति और भयावह हो जाएगी।
पूर्वांचल बैंक नरहीं के अंजोरपुर, बैरिया, बड़ौरा, भिखारीपुर, गंगहरा, कर्णपुरा, हमीरपुर, शरदपुरा, कोट, मझरिया, नरहीं, मिल्की, पेढ़वा के मठिया, इच्छा चौबे के पुरा, रइया खारी, रामपुरचिट, शाहपुर बभनौली, सोबंथा, सुरापाली, दौलतपुर गांवों का खाता संचालन होता है। यहां पांच से आठ किमी दूरी से लोग बैंक तक पहुंचते हैं। लेकिन पैसा नहीं मिलने के बाद निराश होकर लौट जा रहे हैं। नौ नवंबर से बैंक पर भारी भीड़ से बैंक के कर्मचारी भी आज तक जूझ रहे हैं।
पूर्वांचल बैंक के प्रबंधक मिथिलेश राय ने बताया कि तीन दिन बाद एक लाख रुपये आया है। कैसे दिया जाय समझ में नहीं आता। उपभोक्ता लाल-पीले हो रहे हैं। लोग पैसों के लिए सुबह से शाम तक बैंक परडेरा डाले रहते हैं। प्रबंधक की मानें तो पांच हजार से अधिक समाजवादी विधवा, वृद्धा पेंशन वाले लोग है। उनको अभी तक रोका गया है। जो कि नोटबंदी से उत्पन्न हुई समस्या से अभी तक पूरी तरह निजात नहीं मिल पाई है।
ऐसी स्थिति में पेंशन वाले बैंक पर पहुंच गए तो स्थिति भयावह हो सकती है। सामान्य होने पर ही पेंशन देने का काम शुरू किया जाएगा। वहीं छोटे-बड़े कारोबारी का धंधा मंदा होने से परेशान है। बाजार में सन्नाटा पसरा है। ग्राहक नहीं होने से व्यापारी भी सिर पकड़कर खाली बैठे हैं जबकि अभी लगन का मौसम है। आम दिनों में इस समय में दूकानदारों को संास लेने की भी फुर्सत नहीं होती है। लेकिन रुपये पाने के लिए भटक रहे लोग फिलहाल किसी तरह आयोजन निबटा रहे हैं। अभी भी फुटकर की समस्या से लोग जूझ रहे हैं। लोग दो हजार के नए नोट मिलने के बाद फुटकर नहीं होने पर लोगों को और परेशानी का सामना करना पड़ रहा है।
कतार में नहीं लग रहे हैं पेंशनर