प्रधानमंत्री मोदी के बड़े नोटबंदी के फैसले के बाद से अफरातफरी का माहौल है। लोगों को राहत देने के लिए रिजर्व बैंक की तरफ से फरमान तो जारी कर दिए जा रहे हैं, लेकिन वह फरमान शहरों तक सीमित होकर रह जा रहा है। बानगी के तौर पर क्षेत्र के पूर्वांचल बैंक में रोजाना एक लाख रुपया ही आता है, ऐसे में शादी वाले परिवार को ढाई लाख वह कहां से दे।
क्षेत्र के टोला शिवनराय स्थित पूर्वांचल ग्रामीण बैंक में लगभग दस हजार से अधिक बचत खाताधारक हैं। जबकि आबादी पचास हजार से अधिक की आबादी की जिम्मेदारी है। जिसमें शादी, खेती बीमारी सबका खर्च वहन करना है। फरमान के हिसाब से अधिकतम ढाई लाख रुपए निकालने का फरमान है ।
लेकिन मजे की बात यह है की इस शाखा में आज तक एक लाख रुपये ही रोज आते हैं और इन्हीं रुपए में से पचास पुरुष व पचास महिला को दो दो हजार रुपये का भुगतान कर बैंक कर्मियों व पुलिस कर्मियों द्वारा अनुनय विनय कर लौटा दिया जाता है। जब कि कम से कम तीन सौ लोगों की भीड़ सुबह चार बजे से लाइन में लग जाती है।
पैसे के अभाव में रोज लगभग दो सौ पचास लोग बैरंग वापस चले जाते है। क्षेत्र के बसंत यादव, प्रधान प्रतिनिधि वीरेन्द्र यादव, राजू सिंह, दुर्ग विजय सिंह, झलन, अरुण सिंह आदि ने जिलाधिकारी का ध्यान आकृष्ट कराया है। वहीं शाखा प्रबंधक जेपी शर्मा का कहना है कि पैसे की आपूर्ति नहीं होने के कारण यह परिस्थिति बनी हुई है। ज्योंही पैसे की आपूर्ति ठीक से होने लगेगी तो सभी ग्राहकों को नियमानुसार पूरे पैसे का भुगतान किया जाएगा।