बलिया/जयप्रकाश नगर। उत्तर प्रदेश और बिहार को जोड़ने वाले जयप्रभा सेतु के छठवें पाए का क्षतिग्रस्त हिस्सा शुक्रवार को टूट कर गिरा पाया गया। इससे यह पुल और कमजोर हो गया है। बावजूद इसके इस पुल पर भाली माल वाहक वाहनों का आवागमन जारी है। अगर पुल पर बड़े वाहनों के आवागमन पर रोक नहीं लगाई गई तो कभी भी बड़ा हादसा हो सकता है। पुल की हालत से जिला प्रशासन और एनएचएआई परिचित है लेकिन तकनीकी रूप से दोनों तरफ से पल्ला झाड़ा जा रहा है।
इस मामले में जिलाधिकारी श्रीहरि प्रताप शाही का कहना है कि एनएचएआई की ओर से जो रिपोर्ट दी गई है उसमें कहा गया है कि ओवरलोड वाहनों से पुल को खतरा हो सकता है। इसके लिए एआरटीओ की तैनाती कर पुल पर ओवरलोड वाहनों के आवागमन पर रोक लगा दी गई है लेकिन बड़े वाहनों की पाबंदी को लेकर एनएचएआई की ओर से कुछ नहीं कहा गया है। उधर, एनएचएआई के प्रोजेक्ट मैनेज नवीन मिश्र का कहना है कि अब तक पुल पर बड़े वाहनों का आवागमन समझ से परे है। अब एनएचएआई अपनी ओर से पुल पर बड़े वाहनों को रोकने की कार्रवाई करेगा। इसके लिए जनरल मैनेजर को मौके पर भेजा जाएगा। उत्तर प्रदेश से बिहार को जोड़ने वाला जयप्रभा सेतु जर्जर हो गया है। एक सप्ताह पहले शिकायत पर सेतु निगम के मुख्य टेक्नीशियन वाईपी सिंह ने पुल का निरीक्षण किया था। उन्होंने पाया था कि पुल के पाया संख्या छह का कुछ भाग क्रेक हो गया है। इसकी रिपोर्ट उन्होंने प्रोजेक्ट मैनेजर नवीन मिश्र को सौंपी थी। नवीन मिश्र ने जिलाधिकारी को रिपोर्ट सौंपते हुए बताया है कि यदि इस सेतु पर ओवरलोड वाहनों का आवागमन बंद नहीं किया गया तो कभी भी इस पर बड़ा हादसा होने से इनकार नही किया जा सकता है। इसके बाद भी अब तक पुल से बड़े वाहनों का आवागमन जारी है, जो खतरनाक हो सकता है।
एसडीएम बैरिया अशोक चौधरी ने बताया कि वे शनिवार को पुल का निरीक्षण करेंगे और स्थिति से जिलाधिकारी को अवगत कराएंगे। जैसा निर्देश होगा वैसा किया जाएगा।
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बलिया के सांसद वीरेंद्र सिंह मस्त ने पुल क्रेक होने की जानकारी मिलते ही मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ को पत्र लिखा था। पत्र में हादसे की आशंका जताते हुए पुल पर भारी वाहनों के आवागमन पर रोक लगाने का आग्रह किया था। इसके बाद जिला मुख्यालय पर हुई दिशा की बैठक में भी उन्होंने इस मुद्दे को उठाते हुए तत्काल भारी वाहनों का आवागमन रोकने की बात कही थी। इसके बाद भी वाहनों का आवागमन नहीं रुका जिससे अंतत: पुल का वह हिस्सा टूट गया और अब कभी भी बड़ा हादसा हो सकता है।
कोट
सेतु निगम के मुख्य टेक्नीशियन की रिपोर्ट के आधार पर जिलाधिकारी को रिपोर्ट भेजी थी। रिपोर्ट के अनुसार पुल पर बड़े वाहनों के आवागमन पर रोक लगानी थी। इसके बाद भारी वाहनों का आवागमन जारी रहना समझ से परे है। जल्द ही एनएचएआई के जीएम को मौके पर भेजकर परिस्थिति के अनुसार पुल पर भारी वाहनों का आवागमन रोकने की व्यवस्था की जाएगी। पुलिस की मरम्मत के लिए टेंडर हो चुका है। प्रस्ताव दिल्ली भेजा गया है, मंजूर होते ही मरम्मत शुरू कराई जाएगी।-नवीन मिश्र, प्रोजेक्ट मैनेजर, एनएचएआई
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एनएचएआई की रिपोर्ट के अनुसार ओवरलोड वाहनों के पुल पर आवागमन से खतरे की आशंका जताई गई थी और भारी वाहनों के आवागमन पर रोक लगाने का सुझाव दिया गया था। एआरटीओ को वहां तैनात किया गया है। एनएचएआई को पत्र भेज कर कहा गया है कि स्पष्ट बताएं कि ओवरलोड वाहन रोकने हैं या बड़े वाहनों के प्रवेश पर रोक लगाना है। इसमें हमारी भूमिका सिर्फ सहयोगी की है। जो भी कदम उठाना है वह एनएचएआई को ही उठाना है। क्योंकि वाहनों का प्रवेश रोकने के लिए गार्डर बगैरह लगाने की कार्यवाही वही कर सकते हैं।-श्रीहरि प्रताप शाही, जिलाधिकारी