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Ballia News: 30 जून तक मुंबई, दिल्ली व पंजाब की ट्रेनों में नो रूम, कन्फर्म टिकट नहीं

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ट्रेन में टिकट न मिलने पर गेट पर बैठकर एवं सो कर यात्री करने को विवश यात्री।संवाद - फोटो : लापता युवक आरिश। स्रोत परिजन
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बलिया। गर्मी की छुट्टियों के चलते महानगरों को जाने वाली ट्रेनों में यात्रियों की भारी भीड़ उमड़ रही है।
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स्थिति यह है कि मुंबई, दिल्ली, पंजाब, गुजरात और अन्य प्रमुख शहरों के लिए चलने वाली अधिकांश ट्रेनों में 30 जून तक कन्फर्म टिकट मिलना मुश्किल हो गया है। स्लीपर और एसी कोचों में लंबी वेटिंग चल रही है, जबकि कई ट्रेनों में नो रूम की स्थिति बनी हुई है।
रेलवे स्टेशन से दिल्ली, मुंबई, गुजरात, पंजाब, हरियाणा, राजस्थान, दक्षिण भारत, मध्य प्रदेश और छत्तीसगढ़ जाने वाली एक्सप्रेस ट्रेनों के साथ ग्रीष्मकालीन विशेष ट्रेनों में भी यात्रियों की जबरदस्त भीड़ देखने को मिल रही है। अधिकांश ट्रेनों के स्लीपर कोच में 50 से 100 तक वेटिंग चल रही है, जबकि एसी कोचों में भी सीटें पूरी तरह भर चुकी हैं। बलिया से लोकमान्य तिलक टर्मिनस जाने वाली कामायनी एक्सप्रेस में 30 जून तक कोई सीट उपलब्ध नहीं है। ट्रेन के स्लीपर कोच में 85, थर्ड एसी में 45 और सेकेंड एसी में 16 तक वेटिंग चल रही है।
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वहीं, पवन एक्सप्रेस में ‘नो रूम’ की स्थिति बनी हुई है। बलिया-दादर स्पेशल ट्रेन के स्लीपर कोच में 60, थर्ड एसी में नौ और सेकेंड एसी में सात वेटिंग दर्ज की गई है। जून के अंतिम सप्ताह तक स्लीपर और थर्ड एसी में सीट मिलना मुश्किल है। केवल 28 जून को सेकेंड एसी में कुछ सीटें उपलब्ध दिखाई दे रही हैं। दिल्ली रूट की बात करें तो 25 जून तक अधिकांश ट्रेनों में 10 से 114 तक वेटिंग चल रही है। स्वतंत्रता सेनानी, राजधानी और गरीब नवाज जैसी प्रमुख ट्रेनों में भी वेटिंग सूची लगातार बढ़ रही है। रेलवे सूत्रों के अनुसार जुलाई में बलिया और छपरा से चलने वाली कुछ ट्रेनों में सीट उपलब्ध होने की संभावना है।

स्लीपर और जनरल कोचों में भारी भीड़
भीड़ का सबसे ज्यादा असर स्लीपर और जनरल कोचों में दिखाई दे रहा है। यात्रियों को सीट नहीं मिलने पर गेट, बर्थ के नीचे और बाथरूम के पास बैठकर सफर करना पड़ रहा है। इससे चढ़ने और उतरने में भी काफी परेशानी हो रही है। तेज गर्मी और भीड़ के कारण यात्रियों को पेयजल और अन्य सुविधाओं के लिए भी संघर्ष करना पड़ रहा है। स्टेशन अधीक्षक सुनील सिंह ने बताया कि गर्मी की छुट्टियों के कारण ट्रेनों में यात्रियों की संख्या बढ़ गई है।
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पैसेंजर ट्रेनों में भी बढ़ी मारामारी
छपरा-मऊ और छपरा-वाराणसी रेलखंड पर संचालित पैसेंजर और मेमू ट्रेनों में भी भारी भीड़ देखने को मिल रही है। कई बार ट्रेन रुकते ही यात्रियों के चढ़ने और उतरने के दौरान धक्का-मुक्की की स्थिति बन जा रही है। प्लेटफार्म पर यात्रियों को ट्रेन में प्रवेश के लिए संघर्ष करना पड़ रहा है। मेमू ट्रेनों में खड़े होने तक की जगह नहीं बच रही है।

यात्रियों की जुबानी
दिल्ली से छपरा आने के लिए 35 दिन पहले टिकट कराया था। तब भी वेटिंग 40 थी। टिकट कन्फर्म नहीं हुआ, इसलिए मजबूरन भीड़ भरे स्लीपर कोच में सफर करना पड़ रहा है। -रोहित कुमार, छपरा
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ट्रेन में इतनी भीड़ है कि बैठना मुश्किल हो गया है। गर्मी के कारण हाल और खराब है। स्लीपर टिकट होने के बावजूद सीट नहीं मिली, इसलिए गेट के पास बैठकर यात्रा कर रही हूं। -शबाना खातून
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