बलिया। दशहरा की छुट्टियों के बाद बुधवार को जिला अस्पताल सहित ग्रामीण क्षेत्रों के सरकारी अस्पतालों की ओपीडी में मरीजों की भारी भीड़ उमड़ी। जिला अस्पताल में 1836 से अधिक मरीज इलाज कराने पहुंचे।
फिजिशियन, हड्डी रोग, ईएनटी और नेत्र रोग विभाग में सबसे अधिक भीड़ रही। पर्ची काउंटर से लेकर चिकित्सकों के कक्ष और दवा वितरण केंद्र तक मरीज कतारों में खड़े रहे। सुबह आठ बजे जांच के लिए पहुंचे मरीजों को चार घंटे तक इंतजार के बाद भी नहीं हुआ। सीटी स्कैन, एक्सरे और अल्ट्रासाउंड केंद्रों पर बैठने की पर्याप्त व्यवस्था नहीं होने से मरीजों और तीमारदारों को परेशानी उठानी पड़ी।
मौसम में बदलाव और त्योहार के दौरान खानपान में अनियमितता का असर भी मरीजों की संख्या में दिखा। ओपीडी में सर्दी-जुकाम, खांसी, बुखार, एलर्जी, त्वचा रोग, सांस लेने में परेशानी और पेट संबंधी शिकायतों के मरीज पहुंचे। फिजिशियन की ओपीडी में 418 और हड्डी रोग विभाग में 326 मरीजों ने परामर्श लिया। पटाखों से आंखों में परेशानी के 12 मरीज भी उपचार कराने पहुंचे।
अल्ट्रासाउंड और एक्सरे जांच के लिए मरीजों को लंबी प्रतीक्षा करनी पड़ी। सुबह से पहुंचे कई मरीज दोपहर तक अपनी बारी का इंतजार करते रहे। बैठने की पर्याप्त व्यवस्था नहीं होने से कुछ मरीज जमीन पर बैठकर बुलाए जाने की प्रतीक्षा करते दिखे। भीड़ के बीच जांच और परामर्श को लेकर मरीजों व तीमारदारों में कहासुनी भी हुई। कुछ मरीजों ने जांच रिपोर्ट मिलने में देरी की शिकायत की।
सीएमएस डॉ. सुजीत कुमार यादव ने बताया कि मौसम के बदलाव व त्योहार के बाद मरीजों की संख्या में इजाफा हुआ। अस्पताल में दवा व जांच की सुविधा निशुल्क है। पुलिस व सुरक्षाकर्मियों को बाहरियों पर निगरानी रखने को निर्देश दिया गया, किसी भी शिकायत पर कार्रवाई का निर्देश दिया गया है।