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निठल्ले की डायरी और बुद्धिजीवी नाटक ने बांधा समा

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संकल्प साहित्यक राष्ट्रीय नाट्य समारोह में प्रस्तुति निठल्ले की डायरी। - फोटो : BALLIA
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बलिया। कलेक्ट्रेट स्थित ड्रामा हाल में शनिवार की शाम राष्ट्रीय नाट्य समारोह की दूसरी शाम जबलपुर की विवेचना रंगमंडल की प्रस्तुति निठल्ले की डायरी और पटना की सांस्कृतिक टीम रंग यात्रा द्वारा बुद्धिजीवी नाटक की प्रस्तुति की गई। संकल्प साहित्यिक सामाजिक एवं सांस्कृतिक संस्था बलिया द्वारा 15वीं वर्षगांठ पर तीन दिवसीय राष्ट्रीय नाट्य समारोह संकल्प रंगोत्सव का आयोजन किया गया है।
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दूसरी शाम दोनों ही प्रस्तुतियां शानदार रही और अंत तक दर्शकों को बांधे रखा। सबसे पहले पटना की सांस्कृतिक टीम रंग यात्रा द्वारा बुद्धिजीवी नाटक का मंचन किया गया। सुप्रसिद्ध संस्कृतिकर्मी हरिवंश द्वारा लिखित इस नाटक को युवा रंगकर्मी निशांत ने निर्देशित किया था। राजनीतिक व्यवस्था पर चोट करता मानवीय संवेदना और प्रतिरोध का नाटक बुद्धिजीवी कोलाज शैली में प्रस्तुत किया गया। यह आधुनिक और लोक शैली का मिश्रण था। यह नाटक जाति, धर्म, संप्रदाय के नाम पर फैलाए जा रहे अंधेरे को उजागर किया। मनुष्य को मनुष्य बने रहने और मनुष्यता के पक्ष में खड़े होने का संदेश इस नाटक द्वारा दिया गया। नाटक में मुख्य रूप से सलोनी , प्रियंका संगीता, शशांक, रणधीर, राकेश कुंदन, नीतीश, रविराज, मयंक, राहुल, आर्यन ,रंजन, संटू पाल, शिवानी, मानसी, प्रांशु का अभिनय शानदार रहा। पार्श्व संगीत शैलेंद्र मिश्र और निशांत का था। जबकि ध्वनि और प्रकाश व्यवस्था रणजीत कुमार ने संभाली।
वहीं, दूसरी प्रस्तुति जबलपुर विवेचना रंगमंडल के निठल्ले की डायरी सुप्रसिद्ध रंग निर्देशक अरुण पांडेय के निर्देशन में प्रस्तुत किया गया। इस नाटक ने दर्शकों पर अमिट छाप छोड़ा। परसाई के चुटीले व्यंग्य को कलाकारों ने बखूबी प्रस्तुत किया। भाव संप्रेषण और शारीरिक भाषा के माध्यम से अंत तक लोगों को बांधने में सफल रहते हुए व्यंग के माध्यम से वर्तमान राजनीतिक और सामाजिक व्यवस्था की पोल खोलता यह नाटक लोगों को हिलने नहीं दिया। नाटक में कक्का की भूमिका में नवीन चौबे और निठल्ले की भूमिका में संतोष राजपूत रहे। मनीष तिवारी, राकेश, राजेश वर्मा, गजनीश, इशानी मिश्रा, अराधना, ओंकार, श्रीधर, अक्षय शिवहरे, श्लोक सोनी, किशोर रावत, दिलीप साठे की भूमिका सराहनीय रही। संगीत राजेश्वरी वर्मा का था और ध्वनि और प्रकाश की व्यवस्था किशोर रावत का था। नाट्य प्रस्तुति के बाद संस्था द्वारा नाटक के निर्देशकों एवं विशिष्टजनों को स्मृति चिह्न और अंगवस्त्रम देकर सम्मानित किया गया। संकल्प के सचिव आशीष त्रिवेदी ने सभी कलाकारों और आगंतुकों के प्रति आभार व्यक्त किया।
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