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नहीं बने रैन बसेरा, फुटपाथ पर सोने को मजबूर है लोग

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बलिया। शहर कोतवाली के समीप बने स्थाई रैन बसेरा में इन दिनों भले ही कुछ चहल-पहल दिखाई दे रही है, लेकिन यहां आने वाले लोगों को रात्रि प्रवास की एवज में कीमत चुकानी पड़ रही है। नगर पालिका द्वारा बनाए जाने वाले अस्थाई रैन बसेरा के अब तक नहीं बनाए जाने से बेसहारा लोग फुटपाथ पर रात बिताने को मजबूर हैं।
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ठंड का प्रकोप बढ़ने लगा है, जबकि रैन बसेरा अभी तक शुरु नहीं किया गया। जिस कारण लोगों को रोडवेज बस स्टेशन, रेलवे स्टेशन, जिला अस्पताल आदि का आसरा लेना पड़ता है। अभी तक व्यवस्था नहीं बन पाई कि ठंड के मौसम में कोई खुले आसमान के नीचे न रहे। जबकि उसे छत मिले, लेकिन अभी तक यह व्यवस्था ही शुरू नहीं हो पाई है। सर्दी बढ़ने के साथ उन लोगों की परेशानी बढ़ गई है जो बेघर हैं और इधर-उधर समय काटते हैं। दिन में तो जैसे तैसे समय कट जाता है, लेकिन शाम को ठंड बढ़ने के साथ ही रात काटने की समस्या इनके सामने सिर उठाकर खड़ी होती है। हालांकि स्थानीय प्रशासन इनके रहने और रात बिताने के लिए रैन बसेरों में बेहतर व्यवस्था करने का दावा करता है, लेकिन जमीनी हकीकत कुछ और ही है। सोमवार की रात करीब 9:45 बजे मौके पर पड़ताल के दौरान रैन बसेरे में ठहरे लोगों की संख्या का पता किया गया। कर्मचारी ने बताया कि 13 लोग हैं, जो रैन बसेरे में ठहरे हैं। जब बाहर जाकर देखा गया तो फुटपाथ पर भी कुछ लोग सोने की तैयारी में थे। उनको रैन बसेरे में जगह न मिलने के बारे में पूछा गया तो बताया कि रात में तो कई लोग फुटपाथ पर ही रात बिताते हैं। ऐसे में सवाल यही कि अगर बेसहारा और जरूरतमंदों को एंट्री ही नहीं है तो फिर रैन बसेरे क्यों और किसके लिए सरकार ने बनाए हैं।
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नगर में शीघ्र ही रैनबसेरा का निर्माण कराया जाएगा। ददरी मेला के आयोजन के कारण इस कार्य में कुछ विलंब हुआ है।
-दिनेश कुमार विश्वकर्मा, ईओ, नगर पालिका बलिया
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नगर के कोतवाली के समीप स्थित रैन बसेरा में सोए यात्री।- फोटो : BALLIA

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