गंगा की उफनाती लहरें द्वाबा में जमकर तबाही मचा रहीं हैं। कभी दूबे छपरा रिंग बंधा तो कभी एनएच-31 कटना शुरू हो जा रहा है। गुरुवार को भी यही हालात रहे। एनएच-31 के पचरूखिया (रास बिहारी नगर) के समीप नदी का पानी उत्तर दिशा में गिरने लगा। इससे नाराज ग्रामीणों ने तुरंत इसकी सूचना जिलाधिकारी को दी और बालू की बोरियां रखकर आवागमन बाधित कर दिया।
देखते ही देखते बाढ़ विभाग के ठेकेदार ने ताबड़तोड़ बालू से भरी बोरियां डालकर पानी के रिसाव को रोकने का प्रयास शुरू किया। वहीं ग्रामीणों को एसडीएम और नायब दारोगा ने समझाया-बुझाया, तब जाकर जाम समाप्त हुआ। केंद्रीय जल आयोग गायघाट के अनुसार गंगा का जलस्तर गुरुवार को 60.37 मीटर पर स्थिर बना हुआ है।
गुरुवार को दूबे छपरा रिंग बंधा पानी के दबाव से जगह-जगह कट रहा था और बाढ़ विभाग के अधिकारी हांफते नजर आ रहे थे। अभी एक जगह बंधे के कटान को ठीक कर रहे थे तो दूसरी पानी दूसरी जगह से रिसने लग रहा था। ग्रामीणों का आरोप है कि दूबे छपरा रिंग बंधे पर कराए जा रहे कार्यों में मानकों की जमकर धज्जियां उड़ाई जा रही हैं।
एनएच-31 पर पचरूखिया में जैसे रिसाव शुरू हुआ तो गांव में हड़कंप मच गया। ग्रामीणों ने एनएच-31 पर बालू की बोरियां रखकर आवागमन रोक दिया। सूचना पर बाढ़ चौकी पर तैनात नायब दारोगा प्रताप नारायण यादव ने लोगों को धैर्य से काम लेने की गुजारिश की, साथ ही सभी लोगों से सहयोग की अपील की। मौके पर पहुंचे एसडीएम सदर ने रिसाव को घंटों मशक्कत के बाद बंद कराया।