जिला प्रशासन के खिलाफ भड़ास निकालता पीड़ित भरत पासवान
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दूबेछपरा रिंग बंधा टूटने के बाद करीब 35 हजार की आबादी पर आफत आन पड़ी है। प्रशासन के तरफ से राशन, किरासन और नाव की समुचित व्यवस्था न होने के कारण नाराज पीड़ितों ने एनएच-31 स्थित दूबेछपरा ढाले पर चौकी और सामानों को रख कर जाम कर दिया। इस दौरान प्रशासन के खिलाफ जमकर नारेबाजी की गई।
सूचना पर पहुंचे एसओ और एसडीएम बैरिया के आश्वासन पर पीड़ितों ने घंटाभर बाद जाम समाप्त किया। गंगा के जलस्तर के खतरे का निशान पार करने के बाद सदर और बैरिया तहसील के कई गांव गंगा के पानी से घिर गए है। कुछ लोग एनएच-31 पर अपना डेरा डाले हुए है। तो कई गांवों के लोग अब भी पानी में फंसे हुए है। यह हालत दूबेछपरा, गोपालपुर, उदईछपरा, प्रसादछपरा, पांडेयपुर की है।
जहां हजारों की संख्या में लोग अभी भी पानी में डूबे दो मंजिले मकानों के छत पर तिरपाल डालकर रहने को विवश है। इन पीड़ितों तक शासन-प्रशासन से लेकर किसी समाजसेवियों संस्थाओं का राहत दल नहीं पहुंच पा रहा है। बहुतेरे समाजसेवियों ने केवल एनएच-31 पर शरण लिए हुए पीड़ितों को ही राहत सामग्री मुहैया कराई है।
जबकि प्रशासन के तरफ से बाढ़ पीड़ितों की उपेक्षाएं की जा रही हैं। गोपालपुर ग्राम प्रधान मनोज यादव, सुघरछपरा ग्राम प्रधान विजय कुमार पांडेय का कहना है कि बहुतेरे परिवार के लोग अभी भी पानी में फंसे हुए है। उन्हें कोई राहत नहीं मिल पा रही।