बलिया। पंदह ब्लॉक क्षेत्र के ग्राम पंचायत पूर में हेपेटाइटिस बी और टाइफाइड टीकाकरण के नाम पर ग्रामीणों से धोखाधड़ी कर हजारों रुपये वसूलने का मामला आया है। इस काम में गांव की आशा बहुओं की भूमिका भी संदिग्ध है। उत्कर्ष सेवा संस्थान (भृगु आश्रम शांतिकुंज) की ओर से वैक्सीनेशन कैंपेन के नाम पर 40 पुरुष और महिलाओं से प्रति व्यक्ति 60 रुपया वसूला जा गया है। इसके अलावा 36 से अधिक लोगों का पंजीकरण के नाम प्रति व्यक्ति 10 रुपया वसूला गया है।
गांव के कुछ संभ्रांत लोगों से भी ग्रामीणों को टीकाकरण के लिए पंजीकरण कराने का दबाव बनवाया जा रहा है। संस्था के लोग अपने को स्वास्थ्य विभाग का कर्मचारी बताते हुए सीएमओ द्वारा भेजे जाने की बात कह रहे हैं।
मंगलवार को इसकी जानकारी ग्रामीणों ने ध्रुवजी सिंह स्मृति सेवा संस्थान के सचिव भानु प्रकाश सिंह को दी तो टीकाकरण अभियान के फर्जीवाडे़ की बात सामने आई। उन्होंने इसकी शिकायत सीएमओ से की। सीएमओ डॉ. वीपी द्विवेदी ने टीकाकरण के लिए किसी एनजीओ को परमिशन देने की बात तो खारिज कर दिया। वहीं, भानु प्रकाश सिंह ने इसकी शिकायत स्वास्थ्य मंत्रालय, लखनऊ व जिलाधिकारी से कर एनजीओ के खिलाफ कार्रवाई की मांग की है।
उधर, बीपीसीएम पंदह धर्मेंद्र यादव का कहना था कि उक्त संस्था को सीएमओ ने टीकाकरण के लिए अनुमति पत्र जारी किया है। यह एक साल का कॉन्ट्रैक्ट होता है, जो कई जनपदों में संचालित किया जा रहा है। सीएमओ के निर्देश के आधार पर ही आशा बहुओं काे संस्था के सदस्यों का सहयोग करने के लिए कहा गया है।
सीएमओ के नाम की धौंस जमाकर मेरा और पत्नी का पंजीकरण और टीकाकरण कर 120 रुपये वसूल लिए। इस संबंध में पूछने पर कोई सही बात नही बता रहा था। - उत्तम सैनी, पूर।
मेरे मना करने के बाद भी स्वास्थ्य विभाग का कर्मचारी बताकर उन लोगों ने दो सदस्यों का टीकाकरण कर 120 रुपये ले लिए। साथ में आशा बहु होने के कारण हमलोग चुप हो गए। - पंचदेव तिवारी, पूर।
मेरे परिवार के छह सदस्यों का पंजीकरण और टीकाकरण किया गया। जिसमें 7 साल के बच्चे से लेकर 63 वर्षीय बुजुर्ग तक शामिल हैं। अपने को स्वास्थ्य विभाग का कर्मचारी बताकर ये लोग ठग ले गए। पता नहीं वह दवा कैसी है। - रिखी सैनी, पूर।
मेरे परिवार में 7 साल के बच्चे से लेकर 65 वर्ष के बुजुर्ग तक का टीकाकरण उन लोगों ने कर दिया है। जब से उनके विभागीय नही होने की जानकारी हुई है, तब से दवा की क्वालिटी को लेकर सभी लोग सहमे हुए हैं। - निधि पाल, पूर।
हेपेटाइटिस बी और टाइफाइड के बचाव के लिए संस्था द्वारा यह कार्यक्रम चलाया जाता है। जिसकी सूचना स्वास्थ्य विभाग को दे दी जाती है। रही बात परमिशन की तो सीएमओ ऑफिस से ऐसा कोई परमिशन नहीं है। यह टीकाकरण स्वैच्छिक है किसी के ऊपर कोई दबाव नहीं बनाया जाता। - राहुल दुबे, संचालक, उत्कर्ष सेवा संस्थान
किसी संस्था को टीकाकरण के लिए परमिशन नहीं दिया गया है। पूर गांव में टीकाकरण के नाम पर हो रही वसूली का मामला संज्ञान में आया है। संबंधितों को तलब किया गया है। अगर कोई संस्था पैसा लेकर टीकाकरण कर रही है तो उसके पंजीकरण को निरस्त करने के लिए शासन को पत्र लिखा जाएगा। - डॉ. विजय पति द्विवेदी, सीएमओ, बलिया।