बाढ़ विभाग के अधिशासी अभियंता संजय कुमार मिश्र ने बुधवार की दोपहर गंगा नदी के गंगापुर डागरा के समीप चल रहे कटान रोधी कार्यों का निरीक्षण किया। इस दौरान अधिशासी अभियंता अमर उजाला में छपी खबर को संज्ञान लेते हुए ठेकेदारों द्वारा कराए जा रहे कटान रोधी कार्य की शिथिलता पर नाराजगी जाहिर की। जिस पर बाढ़ विभाग के सहायक अभियंता ने कहा कि साहब ठेकेदार हमारी बात नहीं सुनते हैं। जिस पर अधिशासी अभियंता ने मातहतों के साथ ही ठेकेदारों की क्लास लगाई। कहा कि कामों में शिथिलता बर्दाश्त नहीं करेंगे और सहायक अभियंता से कहा कि साइट पर रह कर कार्य कराएं। अगर कोई ठेकेदार बात नहीं मानता है तो तत्काल मुझे अवगत कराएं, ऐसे फर्म के खिलाफ कठोर कार्रवाई करने के लिए लिखा जाएगा। अधिशासी अभियंता ने ठेकेदार को निर्देश दिया कि संसाधन व मजदूर बढ़ाएं अन्यथा काम छोड़कर चले जाएं।
निरीक्षण के दौरान अधिशासी अभियंता ने मौके पर पर्याप्त मजदूर व बालू भरने वाली बोरी न होने के कारण ठेकेदार को फटकार लगाई। साथ ही स्पर के बगल में अप्रन के बीच खाली स्थान को तत्काल भरने का निर्देश दिया।
जूनियर इंजीनियर व सहायक अभियंता से कहा कि आज से साइट इंचार्ज सुबह 8 से लेकर रात्रि 8 बजे तक मौके पर रहेंगे। अगर कोई भी ठेकेदार काम में अनियमितता बरतता है या संसाधन की कमी करता है तो हर पल की रिपोर्ट मुझे अवगत कराएं ताकि ऐसे फार्म के खिलाफ कार्रवाई के लिए उच्च अधिकारियों को लिखा जाए। उन्होंने गंगापुर डगरा के समीप रिवेटमेंट कार्य की गुणवत्ता पर नाराजगी जाहिर की। कहा कि कल तक हर हाल में संसाधन व मजदूर की कमी नहीं रहनी चाहिए। हर हाल में हमें 15 जून से पहले काम पूर्ण होना चाहिए। इस मौके पर बाढ़ विभाग के एसडीओ कमलेश कुमार, जूनियर इंजीनियर प्रशांत कुमार व सहायक अभियंता एके चतुर्वेदी रहे।
ग्रामीणों ने लगाया मानक के विपरीत कार्य करने का आरोप
ग्रामीणों का आरोप रहा कि न तो मौके पर मानक के अनुरूप कार्य हो रहे हैं न ही संसाधन मौजूद हैं और ठेकेदार जानबूझकर काम में लापरवाही कर रहे हैं। कहा कि गंगा का जलस्तर बढ़ रहा है। स्थिति यह है कि जहां पानी की तलहटी में 15 मीटर तक बालू की बोरी भर का प्लेटफार्म बनाना था अब वह पानी में डूबना शुरू हो गया है। पानी भरते ही यह पता नहीं चल पाएगा कि बालू की बोरी पानी में कितनी दूर डाली गई है।
बिना जाली के ही डाली जा रही थीं बालू की बोरियां, कार्रवाई का निर्देश
रामगढ़। सोनार टोला के समीप स्पर के नोज के नीचे गंगा की तलहटी में 15 मीटर तक जाली में बालू की बोरियां भरकर डालनी है। जहां बिना जाली के ही बालू की बोरी डाली जा रही थी। यह देख अधिशासी अभियंता ने फटकार लगाते हुए तत्काल जाली में बालू की भरी बोरियों को डालने का निर्देश दिया ।
किसानों ने मुआवजा को लेकर ड्रेजिंग कार्य रोका
दया छपरा। गंगा उस पार पांडेयपुर मौजा में गंगा की धारा मोड़ने के लिए कराए जा रहे ड्रेजिंग कार्य को बुधवार को किसानों ने रोक दिया तथा मुआवजा की मांग करने लगे।
2019 में आई बाढ़ के बाद दया छपरा में आए मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ के आदेश पर 2020 में ड्रेजिंग का कार्य प्रारंभ हुआ। लेकिन विभागीय मनमानी के कारण वह कार्य पूरा नहीं हुआ और गंगा नदी ने उस ड्रेजिंग को भर दिया। फिर दूसरा प्रोजेक्ट बना कर पुराने ड्रेजिंग से एक किमी दक्षिण से ड्रेजिंग का कार्य शुरू हुआ जो पचरुखिया मौजा से होते हुए पांडेयपुर मौजा में जब कार्य शुरू हुआ तो पांडेयपुर के किसान अरुण कुमार, तरुण कुमार, बसंत पांडेय, अनंत पांडेय आदि किसानों ने जाकर ड्रेजिंग कार्य को रोक दिया। किसानों का आरोप है कि इस ड्रेजिंग से कुछ होने वाला नहीं है।