मोदी सरकार द्वारा बनाए गए तीन नए कृषि कानून के खिलाफ किसानों का दिल्ली सीमा पर चल रहे किसान आंदोलन के छह माह पूरा होने और सरकार द्वारा उनकी मांगों को अनसुना करने के खिलाफ संयुक्त किसान मोर्चा द्वारा पूरे देश में काला दिवस मनाने के आह्वान किया गया है। इसको लेकर भाकपा (माले) के कार्यकर्ताओं ने बुधवार को बाहों पर काली पट्टी बांध कर कलेक्ट्रेट परिसर में प्रदर्शन किया और राष्ट्रपति को संबोधित दो सूत्रीय मांगपत्र जिलाधिकारी के प्रतिनिधि नगर मजिस्ट्रेट नागेंद्र प्रताप सिंह को सौंपा।
माले नेता लक्ष्मण यादव ने कहा कि देश में स्वतंत्रता आंदोलन के बाद गांधीवादी तरीके से चलाए जा रहे यह किसान आंदोलन एक इतिहास रच रहा है, फिर भी सरकार अन्नदाताओं की बातों को नहीं सुन रही है। लोकतंत्र में आंदोलन को नजर अंदाज करना दुर्भाग्यपूर्ण है। इस मौके पर रामकृष्ण यादव, लक्ष्मण यादव, जैनुद्दीन, राजेश गोंड, अनुरुध प्रसाद, विनय कुमार, तेजनरायण आदि रहे।
राष्ट्रपति को संबोधित ज्ञापन सिटी मजिस्ट्रेट को सौंपा
बलिया। नए कृषि कानून सहित विभिन्न मांगों को रद्द करने को लेकर दिल्ली बार्डर पर चल रहे किसानों के धरने का छह माह पूरा होने पर संयुक्त किसान मोर्चा के सदस्यों ने राष्ट्रपति को संबोधित ज्ञापन नगर मजिस्ट्रेट नागेंद्र सिंह को सौंपा। जिसमें उल्लेख किया है कि तीनों कृषि कानून के साथ नई शिक्षा नीति, श्रम संहिता, नई बिजली नीति, नई उद्योग नीति जैसे कानून कोविड-19 महामारी के दौरान बनाए है। ये सभी काले कानून देशी-विदेशी पूंजीपतियों और कार्पोरेट कंपनियों के फायदे के लिए बनाए गए हैं। रेलवे, बैंक, बंदरगाह, एयरपोर्ट आदि सभी पब्लिक सेक्टर को निजी हाथों में बेचा जा रहा है। इसी को प्रधानमंत्री और उनके सहयोग आपदा में अवसर बता रहे हैं। पत्रक सौंपने वालों में डॉ. सत्यनारायण, लक्ष्मण पांडेय, राजेश कुमार गोंड, बालचंद्र प्रसाद, तेजनारायण, संतोष सिंह, रघुवंश उपाध्याय, ओमप्रकाश सिन्हा, रामकृष्ण यादव, जैनुद्दीन, राजशेखर, सत्यप्रकाश सिंह, बलवंत यादव आदि शामिल रहे।
अपने अपने घरों पर काला झंडा बांधकर जताया विरोध
बेल्थरारोड। कृषि कानून के विरोध में चल रहे किसान आंदोलन के छह महीने पूरे होने पर बुधवार को किसानों ने काला दिवस मनाया। इस दौरान किसानों ने अपने- अपने घरों पर काला झंडा लगाकर विरोध प्रदर्शन किया।
इस बीच कृषि मंडी परिसर में भारतीय किसान यूनियन की बैठक आयोजित की गई। बैठक में किसान नेता ओमप्रकाश गुप्त ने कृषि कानूनों की चर्चा करते हुए कहा कि कृषि कानून कृषक हितों के विपरीत है। इस मौके पर भाकियू के जिलाध्यक्ष जानिसार अख्तर, अखिलेश्वर पांडेय, सुभाष यादव, रामप्रताप यादव, सुरेंद्र यादव, कृपा पाल, चिंतामणि, सूरज यादव आदि रहे।