बलिया। पिछले वर्षों में आवंटित पीएम आवास की मॉनिटरिंग शुरू हो गई है। बीते दो वर्षों में आवंटित आवासों के सापेक्ष नौ ब्लॉक के गांवों में 29 आवासों का निर्माण शुरू नहीं हो सका है जबकि 109 आवास अभी नींव स्तर पर ज्यों के त्यों हैं। इस मामले में नौ ब्लॉकों के 57 ग्राम पंचायत अधिकारियों को नोटिस जारी किया गया है। इसे लेकर विभाग में खलबली है।
जिले में पीएम आवास योजना का संचालन वर्ष 2015-16 में शुरू किया गया। इस योजना के तहत पूर्व में संचालित इंदिरा आवास आवंटन के तरीकों में भी बदलाव करते हुए सेक (सामाजिक आर्थिक जातीय गणना) सूची में शामिल गरीबों को आवास देने का प्रावधान किया गया। हालांकि यह योजना पूरी तरह वर्ष 2016-17 में धरातल पर उतरी। सेक डाटा में शामिल लाभार्थियों को आवास से संतृप्त करने के बाद वर्ष 2020-21 में पीएम आवास प्लस योजना के तहत चयनित लाभार्थियों को आवास देने की प्रक्रिया शुरू हो गई। लेकिन हर वर्ष कुछ न कुछ आवास अधूरे रह जाते हैं। इसे लेकर अब मॉनीटरिंग तेज हो गई है। सीडीओ प्रवीण वर्मा ने आवास प्लस के तहत बीते दो वर्षों में आवंटित आवासों के निर्माण की समीक्षा की तो सामने आया कि नौ ब्लॉकों कई गांवों में कुल 29 आवासों का निर्माण ही शुरू नहीं हो सका है। इतना ही नहीं, कई गांवों में अभी 109 आवासों के नींव तक कार्य करने के बाद अधूरा छोड़ दिया गया है लेकिन संबंधित कर्मियों की ओर से कोई कार्रवाई नहीं की गई। सीडीओ ने संबंधित गांवों के ग्राम पंचायत अधिकारियों के खिलाफ कार्रवाई करने का निर्देश पीडी को दिया। डीआरडीए के परियोजना निदेशक की ओर से नौ ब्लॉकों के 57 ग्राम पंचायत सचिवों को नोटिस जारी किया है। इसे लेकर विभाग में खलबली मची है। बताया जाता है कि अभी कुछ और सचिवों को भी नोटिस जारी करने की तैयारी में विभाग जुटा है।
ब्लॉक सचिवों की संख्या
गड़वार 5
नवानगर 4
सोहांव 8
दुबहड़ 8
मुरलीछपरा 4
रसड़ा 15
बांसडीह 6
नगरा 2
रेवती 5
आवासों के निर्माण की समीक्षा की जा रही है। इसके निर्माण में उदासीनता बरतने वाले 57 सचिवों को नोटिस जारी किया गया है। संतोषजनक जवाब न मिलने पर आगे की कार्रवाई की जाएगी। - डीएन दुबे, पीडी, डीआरडीए, बलिया