साक्ष्यों के आधार पर लिया गया फैसला
विवेचक ने चार्जशीट भी दाखिल कर दी थी, लेकिन अदालत के आदेश पर दोबारा विवेचना हुई। दोबारा हुई पुलिस की विवेचना के बाद डॉक्टरों को राहत मिल सकी और पता चला कि मुख्य आरोपी विनय सिंह (विनय प्रताप सिंह) पुत्र लल्लन सिंह निवासी पोखरा है।
पुलिस के मुताबिक, विनय सिंह ने ठेके के विवाद कोल माइंस के चीफ इंजीनियर चंदेश्वरी सिंह की हत्या की थी। चंदेश्वरी सिंह तिलकोत्सव में शामिल होने बलिया आए थे। चंदेश्वरी को गोली मारते क्षेत्र के मनोज मिश्रा ने देख लिया था, इसलिए विनय ने उसकी भी गोली मार कर हत्या कर दी थी। पुलिस ने दोबारा चार्जशीट अदालत में दाखिल की और मामले की सुनवाई जिला एवं सत्र न्यायाधीश अमित पाल सिंह की अदालत में हुई।
अदालत ने साक्ष्यों कों देखा और विनय सिंह को दोहरे हत्याकांड का दोषी करार दिया। साथ ही उसे उम्रकैद की सजा सुनाई। अदालत के आदेश के मुताबिक, जुर्माने की धनराशि में से 20 हजार रुपये मृतक मनोज के पिता राधेश्याम मिश्रा और 20 हजार रुपये मृतक चंदेश्वरी सिंह की पत्नी शकुंतला देवी को क्षतिपूर्ति के रूप में दिए जाएंगे।