बलिया। न्यायालय अपर सत्र न्यायाधीश तृतीय हुसैन अहमद अंसारी की अदालत ने हत्या के मामले में अभियुक्ता गीता देवी को 10 वर्ष के सश्रम कारावास और 10 हजार के अर्थदंड से दंडित किया। अर्थदंड अदा नहीं करने की दशा में 6 माह का अतिरिक्त कारावास भुगतना होगा।
अभियोजन के अनुसार वादी मुकदमा सुरेश गोंड ग्राम देवी चौधरी का हाता नारायणगढ़ थाना रेवती ने प्रार्थना पत्र थाने में दिया था कि एक सितंबर 2018 को उसकी पत्नी निर्मला देवी शौच के लिए घर से बाहर जा रही थी कि पुरानी बातों को लेकर उसकी पड़ोस की रहने वाली गीता देवी पत्नी नन्हक गोंड अचानक लोहे की पाइप से उसकी पत्नी के सिर पर मारने लगी। इससे उसकी पत्नी का सिर फट गया और उसकी मौके पर ही मौत हो गई। शोरगुल सुनकर वह तथा उसका भाई गणेश गोंड और लड़का पिंटू मौके पर पहुंचे कि गीता देवी लोहे का पाइप फेंक कर भाग गई। थाना रेवती द्वारा प्रथम सूचना रिपोर्ट दर्ज कर मामले में आरोप पत्र गीता देवी के खिलाफ न्यायालय में प्रेषित किया। इस पर न्यायालय ने समस्त साक्ष्यों का संकलन कर व गवाहों को परिक्षित कर तथा सहायक शासकीय अधिवक्ता फौजदारी विनोद कुमार भारद्वाज की बहस सुनने के उपरांत आरोपी गीता देवी के खिलाफ दोष साबित पाते हुए उसे 10 वर्ष का सश्रम कारावास और 10 हजार के अर्थदंड से दंडित किया। अर्थदंड न अदा करने की दशा में छह माह का अतिरिक्त कारावास भुगतना होगा।