बलिया। सड़क दुर्घटनाओं में होने वाली मौतों के आंकड़ों को कम करने के लिए प्रदेश सरकार ने मिशन जीरो फैटलिटी यानी शून्य मृत्यु दर शुरू किया है। यातायात निदेशालय के निर्देश पर इस मिशन के तहत 22 थानों पर क्रिटिकल कॉरिडोर टीम का गठन किया गया है।
जिले में पांच थानों नरही, रसड़ा, उभांव, फेफना व बांसडीह को इस प्रोजेक्ट के लिए चिह्नित किया गया है। इसके लिए उपनिरक्षक, हेड कांस्टेबल सहित पांच पुलिस कर्मियों की टीम तैनात की गई है। सभी विशेष ट्रेनिंग दी गई है। इस टीम का मुख्य उद्देश्य गोल्डन ऑवर में घायल को अस्पताल पहुंचाकर उसकी जान बचानी है।
सड़क सुरक्षा के तहत पहले फेज में सर्वाधिक दुर्घटना वाले पांच थाना क्षेत्रों में मौत की संख्या कम होने के बाद इसे 10 थाना क्षेत्रों में प्रयोग किया जाएगा। वर्ष 2025 में 392 सड़क दुर्घटनाओं में 281 लोगों की मौत हुई है। जबकि 315 लोग घायल हुए थे। इनमें ज्यादातर हादसे इन्हीं पांच थाना क्षेत्रों में हुए थे। इसकी वजह से प्रथम चरण क्रिटिकल कॉरिडोर टीम को तैनात किया गया है।
बेसिक लाइफ सपोर्ट व सीपीआर की जानकारी : क्रिटिकल कॉरिडोर टीम को रिजर्व पुलिस लाइन में विशेष ट्रेनिंग दी गई है। इस प्रशिक्षण में कर्मियों को बेसिक लाइफ सपोर्ट व सीपीआर की बारीकियां सिखाई गईं हैं। टीम को बताया गया कि दुर्घटना के समय सांस की नली को कैसे खुला रखा जाए। साथ ही हृदय गति रुकने की स्थिति में घायल को जीवन रक्षक सहायता देने के बारे में बताया गया है।