दयाछपरा। अबूझ बीमारी के प्रकोप से अब तक एक दर्जनों से ज्यादा मवेशियों की असमय मौत से पशुपालकों में भय व्याप्त है। पशुपालकों ने बताया कि अचानक पशु के मुंह से लार गिरने लग रहा है। फिर पैर के खुर में लालिमा आ जाती है। 24 घंटे के दरम्यान पशु की मौत हो जा रही है।
अब तक दया छपरा निवासी कामेश्वर पांडेय की दो बछिया, चंद्रिका प्रसाद की दो बछिया, देवेंद्र कुशवाहा की एक बथिया, ब्रजेश पांडेय के एक बछिया, कामता पांडेय के एक बछिया, पंचानंद पांडेय दो बछिया, लकाठू वर्मा की एक भैंस और तीन बछिया, धुरेंध्र यादव, धूपन यादव, शैलेश पांडेय की एक बछिया समेत कुल 16 पशु बीमारी से काल कवलित हो चुके हैं। दर्जनों पशु अभी बीमारी के जद में हैं। पशुपालकों का कहना है कि इस बीमारी की पहचान जल्दी नहीं हो पा रही है। साथ ही कोई दवा काम नहीं कर रही है। पशु चिकित्साधिकारी सोनबरसा डा. ओमप्रकाश प्रजापति ने बताया कि यह वायरल बीमारी है। ज्यादा नमी के कारण यह बीमारी फैल रही है। पशुपालकों को नमी से पशुओं को बचाना होगा। एक दूसरे के संपर्क में आने से भी इस रोग का फैलाव होता है। अगर थोड़े भी लक्षण दिखाई पड़े तो तुरंत चिकित्सक को दिखाएं।