बैरिया। बैरिया, मुरली छपरा समेत कई विकासखंडों में मनरेगा मजदूरों को करीब तीन माह से भुगतान नहीं मिला है। वहीं, योजना से जुड़े तकनीकी सहायकों और कार्यक्रम अधिकारियों का भी करीब तीन माह का मानदेय लंबित बताया जा रहा है।
जिले की मनरेगा जिला समन्वय अधिकारी रिचा सिंह ने बताया कि एसएमए (स्पर्श) सिस्टम में तकनीकी खराबी के कारण भुगतान रुका हुआ है।तकनीकी समस्या दूर होते ही मनरेगा मजदूरों और कर्मियों के बकाया भुगतान की प्रक्रिया तत्काल शुरू कर दी जाएगी। मुरली छपरा में करीब 48.5 प्रतिशत कार्य हुआ है जबकि बैरिया में कार्य की प्रगति करीब 10 प्रतिशत है।
महात्मा गांधी राष्ट्रीय ग्रामीण रोजगार गारंटी योजना (मनरेगा) का नाम बदलकर अब वीबी-जी राम (विकसित भारत रोजगार और आजीविका मिशन गारंटी ग्रामीण योजना) किए जाने के बाद भी जमीनी स्तर पर योजना की रफ्तार सुस्त है।
उधर, भारी बारिश और बाढ़ ने भी मनरेगा के कार्यों की रफ्तार प्रभावित की है। कई गांवों में अभी तक जलभराव और कीचड़ की स्थिति बनी हुई है, जिससे कार्य शुरू करने में परेशानी हो रही है।ऐसे में भुगतान की तकनीकी समस्या और बाढ़ से प्रभावित कार्यों के कारण मजदूरों को रोजगार मिलने में भी दिक्कत आ रही है।