बलिया। आरटीई के तहत नामांकन को बनी ऑफलाइन सूची में भ्रष्टाचार का आरोप लगाते हुए सोमवार को अभिभावकों का एक प्रतिनिधिमंडल मनोज राय हंस के नेतृत्व में जिलाधिकारी से मिला। जिलाधिकारी ने मामले की गंभीरता को देखते हुए बीएसए को मामले की जांच कराकर आख्या देने का निर्देश दिया।
अधिवक्ता व अभिभावकों ने आरोप लगाया कि सुविधा शुल्क लेकर अभिभावकों को मनमाफिक विद्यालय दिया गया है तथा एक अभिभावक के तीन-तीन बच्चे का एडमिशन किया गया है जबकि एक अभभिावक वाले बच्चे का आवेदन निरस्त किया गया है। आवेदन फार्म में नामित सभी विद्यालयों की मान्यता पर विचार नहीं किया गया तथा विद्यालय में सीट होने के बावजूद आवेदन निरस्त किया गया। मानक के अनुसार 25 प्रतिशत सीट की जगह पर मात्र दस प्रतिशीत सीट ही आवंटित की गई है। पिछले वित्तीय वर्ष के चयनित छात्र का प्रवेश नहीं कराया गया। इस पर जिलाधिकारी भवानी सिंह खंगारौत ने तुरंत बीएसए को आदेशित किया कि जांच कर आख्या दें, साथ फाइल भी तलब किया।