बलिया। जिले में सामूहिक विवाह योजना प्रशासन के लिए किसी चुनौती से कम नहीं है। कारण कि दो साल पहले सामूहिक शादी योजना में हुए घोटाले के बाद से प्रशासन किसी तरह का रिस्क लेने की हिम्मत नहीं जुटा पा रहा है। प्रशासन योजना में जोड़े की पूरी तरह से छानबीन करने के बाद ही शामिल करने की तैयारी में है, जिससे किसी तरह की कमी न रह जाए। इस बार 695 जोड़ों की शादी का लक्ष्य मिला है।
पिछले वित्तीय वर्ष में सामूहिक विवाह योजना का आयोजन नहीं हो सका। इसके पीछे पात्रों की कमी बताई गई। प्रशासनिक अमले के प्रयास के बाद भी पिछले वर्ष 1396 की तुलना में 45 आवेदन आए थे। जांच में कई बाहर हो गए थे। शासन ने हर हाल में योजना के तहत का आयोजन का निर्देश दिया है। इसके लिए छह-छह माह का लक्ष्य तय किया है। पहली छमाही में 695 जोड़ों की शादी करानी होगी।
नए वित्तीय वर्ष में शासन ने इस योजना में विवाह वाले जोड़े को मिलने वाली धनराशि बढ़ा दी है। पहले पात्र महिला को 51 हजार रुपये मिलते थे, इस वर्ष यह धनराशि बढ़ाकर एक लाख रुपये कर दी गई है। पहले कन्या के खाते में 35 हजार रुपये भेजे जाते थे। उन्हें 10 हजार रुपये के उपहार दिए जाते थे। इसके अलावा छह हजार रुपये आयोजन पर खर्च होते थे। विभागीय कर्मचारियों के अनुसार, इस सत्र में कन्या के खाते में 60 हजार रुपये भेजे जाएंगे। उन्हें 25 हजार रुपये के उपहार दिए जाएंगे। सामूहिक विवाह के आयोजन पर 15 हजार रुपये खर्च होंगे।
अभी तक 10 लोगों ने किया आवेदन
सामूहिक विवाह योजना के लिए ऑनलाइन आवेदन शुरू हो गए हैं। अभी तक 10 लोगों ने आवेदन किया है। जिले के सातों तहसील में सामूहिक विवाह के आयोजन की तैयारी है। ब्लाॅक स्तर पर कर्मचारियों को आवेदन कराने के लिए लगाया गया है।
योजना में जमकर हुआ था फर्जीवाड़ा
मुख्यमंत्री सामूहिक विवाह योजना 2023-24 में फर्जीवाड़ा हुआ था। इसमें नवानगर ब्लॉक के वर्तमान बीडीओ देवेंद्र नाथ वर्मा को निलंबित किया गया था। बीडीओ की सेवानिवृत्त के एक पखवाड़े पूर्व यह कार्रवाई हुई थी। जनवरी में फर्जीवाड़े की गूंज प्रदेश स्तर तक पहुंची थी। मामले में तीन अधिकारियों और एक कर्मचारी पर कार्रवाई हुई थी। मनियर ब्लॉक में इस योजना में शादीशुदा लोगों की शादी करा दी गई थी। इसका वीडियो वायरल हुआ था, जिसमें युवतियां खुद अपने गले में वरमाला डालते हुई दिखाई दी थीं। पता चला कि दलालों ने मिलीभगत कर 240 से अधिक फर्जी शादियां करा दी गई थीं। इस मामले में एफआईआर दर्ज कर 17 लोगों को गिरफ्तार किया गया था। दो सहायक विकास अधिकारी और एक लिपिक को निलंबित किया गया था। नवानगर ब्लॉक के बीडीओ देवेंद्र नाथ वर्मा को भी निलंबित किया गया था।
सामूहिक विवाह योजना का आयोजन किया जाएगा। इसके लिए आवेदन मांगे गए हैं। बारीकियों से जांच करने के बाद ही पात्रों का चयन किया जाएगा। इसको लेकर प्रशासनिक अधिकारियों की जल्द बैठक होगी। अभी बजट जारी नहीं हुआ है।
- रमेश कुमार, जिला समाज कल्याण अधिकारी।