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Ballia News: खरीद-दरौली पुल में बढ़ेंगे नौ पिलर, गाइड बंधा भी बनेगा, बढ़ेगा 215 करोड़ खर्च

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बलिया/सिकंदरपुर। यूपी और बिहार को जोड़ने वाले खरीद-दरौली पक्का पुल का छह वर्ष बाद भी निर्माण पूरा नहीं हो सका है। नदी के बदलते स्वरूप और कटान के कारण निर्माण कार्य रुका हुआ है। रुड़की से आई तकनीकी टीम ने सर्वे कर यूपी की तरफ नौ पिलर और एप्रोच की सुरक्षा से लिए गाइड बंधा तथा एवरमेंट बनाने का सुझाव दिया था। इसके आधार पर सेतु निगम और पीडब्ल्यूडी ने पुनरक्षित एस्टीमेट तैयार किया है। गाइड बंधे की डिजाइन बीएचयू के प्रोफेसर कर रहे हैं। नौ पिलर बढ़ने के बाद सेतु निगम ने पुनरक्षित एस्टीमेट का प्रस्ताव शासन को भेज दिया है। पहले इस पुल की लागत 114 करोड़ रुपये थी, अब पिलर बढ़ने के बाद सिर्फ सेतु निगम की लागत ही लगभग 329 करोड़ हो गई है। करीब 215 करोड़ खर्च बढ़ गया है।
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सरयू नदी पर वर्ष 2016 में 17 करोड़ रुपये का बजट मिलने के बाद पुल का शिलान्यास हुआ था। तीन वर्ष बाद 2019 में 26 पिलर का पुल निर्माण शुरू हुआ। उत्तर प्रदेश सेतु निगम ने पंजाब की भंगल एजेंसी को पुल निर्माण की जिम्मेदारी सौंपी। इंजीनियरों ने वर्ष 2022 तक काम पूरा होने का दावा किया, लेकिन सरयू के बदलते स्वरूप के कारण नदी में चार पिलर बढ़ाने का निर्देश दिया गया। अधिकारियों ने 2024 में पुल का कार्य पूरा होने की बात कही। दो वर्ष पूर्व नदी की धारा का रुख यूपी की तरफ होने से कटान के कारण नदी का पाट बढ़ गया है। राज्य सेतु निगम व पीडब्ल्यूडी के इंजीनियरों ने एप्रोच पर खतरा बताया। रुड़की आईआईटी के इंजीनियरों की टीम ने स्थलीय सर्वे कर चार की जगह नौ पिलर बढ़ाने व एप्रोच की सुरक्षा के लिए गाइड बंधा बनाने का सुझाव दिया। पुल निर्माण कार्य दो वर्ष से बंद है। सेतु निगम ने नौ पिलर बढ़ाने के लिए शासन को प्रस्ताव भेजा है। अब ये पुल 30 से बढ़कर 39 पिलरों का हो जाएगा। पुल के बाएं व दाएं दोनों तरफ पीडब्ल्यूडी एक-एक किमी एप्रोच बांध बनाएगा।


एप्रोच की सुरक्षा के साथ कटान रोकेगा गाइड बंधा

खरीद दरौली के निर्माणाधीन पुल का काम नदी की बदलते धारा व कटान के कारण रुका है। पुल के एप्रोच की सुरक्षा व कटान रोकने के लिए यूपी की तरफ गाइड बंधा व एवरमेंट का निर्माण होगा। इसे बीएचयू आईआईटी के प्रोफेसर डिजाइन कर रहे हैं। डिजाइन पूरी होने के बाद पुल में बढ़ने वाले नौ पिलर व गाइड बंधा पर होने वाले खर्च का सही आकलन हो पाएगा। गाइड बंधा पिलरों से अलग होता है। यह नदी के वेग को कम करता है। पीडब्लूडी के अधिकारियों ने बताया कि डिजाइन आने के बाद शासन से स्वीकृति मिलने के बाद निर्माण कार्य शुरू होगा।
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रेलवे लाइन न होने से इस पुल की राह देख रहे क्षेत्रीय लोग
सिकंदरपुर विधानसभा में कहीं भी रेलवे लाइन नहीं है। ट्रेन पकड़ने के लिए लोगों को 35 से 40 किमी दूर यात्रा करनी पड़ती है। खरीद दरौली पुल निर्माण से बिहार के सीवान की दूरी 70 की जगह 50 किमी हो जाएगी। स्थानीय निवासी शंभू नाथ मिश्रा ने बताया कि इस पुल का निर्माण होने से आपसी संबंध के साथ व्यापारिक गतिविधियों को भी बढ़ावा मिलेगा। लोगों को इस पुल के सहारे बिहार के मैरवा व सिवान से ट्रेन पकड़ने में सुगमता होगी। पुल निर्माण की धीमी गति से क्षेत्रीय लोगों में निराशा है।
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एप्रोच पर भी खर्च होंगे 160.40 करोड़
खरीद-दरौली में सरयू नदी पर बन रहे पक्के पुल के निर्माण में एप्रोच की लागत भी बढ़ेगी। एप्रोच के लिए किसानों से भूमि भी खरीदनी पड़ेगी। पुल की डिजाइन में परिवर्तन के बाद पीडब्ल्यूडी ने भी एप्रोच के लिए 16.40 करोड़ का प्रस्ताव तैयार कर स्वीकृति के लिए शासन को भेजा है।


सरयू नदी की बदलते धारा व कटान के बाद रुड़की आईआईटी के इंजीनियरों के सर्वें के बाद सेतु निगम ने नौ पिलर व गाइड बंधा बनाने का सुझाव दिया था। नौ पिलर का प्रस्ताव शासन को भेजा गया है। यूपी की तरफ एप्रोच की सुरक्षा के लिए गाइड बंधा भी बनेगा। गाइड बंधा एवरमेंट की डिजाइन बीएचयू आईआईटी की टीम कर रही है। शासन से धन स्वीकृत होेने के बाद आगे निर्माण कार्य शुरू किया जाएगा। सुरेंद्र सिंह, एई, पीडब्लूडी।
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