नगर के एक आभूषण की दुकान पर चांदी के राखियों की खरीदारी करते लोग।संवाद
बलिया। रक्षाबंधन का त्योहार नजदीक आते ही बाजार गुलजार हो गए है लेकिन स्वर्ण-आभूषण की दुकानों पर ग्राहक कम पहुंच रहे हैं। इससे बाजार में मंदी छाई हुई है। बाजार में चांदी की राखियां सज गईं हैं। अगर आप चांदी की राखी लेने का विचार कर रहे हैं तो प्रतिष्ठित और भरोसेमंद सराफा कारोबारी से ही इसकी खरीदारी करें। असली चांदी से बनीं राखियां हॉलमार्क से लैस हैं, जिनकी शुद्धता की गारंटी दी जा रही है। इनकी कीमत 600 रुपये से लेकर 8000 रुपये तक है। चांदी के साथ ही बाजार में गिलट की राखियां भी आ रही हैं।
इनकी डिजाइन भी बेहद आकर्षक है। गिलट की राखियों की कोई गारंटी नहीं होती है। इनकी वापसी भी नहीं होती है। गिलट एक मिश्रित धातु है। इसको जर्मन सिल्वर भी कहते हैं। इसे पीतल और तांबे पर चांदी की पॉलिश कर बनाया जाता है। आभूषण व्यापारी राहुल सराफ ने बताया कि चांदी की कीमत 2.5 लाख रुपये किग्रा हो गया है। पिछले साल अब तक 400 पीस चांदी की राखी बेच चुके थे। इस साल अभी तक केवल 50-60 पीस राखी बिक्री हुई है। दिन भर में एकाध ही ग्राहक पहुंच रहे हैं। आभूषण व्यापारी प्रेम वर्मा ने बताया कि चांदी की हॉलमार्क वाली राखियां हैं। पिछले साल से करीब 60 प्रतिशत ग्राहक कम आ रहे हैं। बिक्री पूरी तरह से कम हो गए है। सोने की भी राखियां है। जिसकी कीमत 11 से 50 हजार तक रुपये है। सोने की रखी एक ग्राम तक की है।