गुरु पूर्णिमा मंगलवार को पूरे जनपद में उत्साह के साथ मनाया गया। मंदिर, मठ एवं आश्रमों में शिष्यों की भारी भीड़ उमड़ी। सिकंदरपुर के अद्वैत शिवशक्ति परमधाम डुहा के प्रांगण में विशाल गुरु पूजा महोत्सव का आयोजन किया गया, जिसमें देश के विभिन्न राज्यों से हजारों लोगों ने गुरु के चरणों में पुष्प अर्पित कर नमन किया।
गुरु पूर्णिमा की पूर्वसंध्या पर हजारों भक्तों द्वारा पूरे मंदिर परिसर एवं सरयू तट पर दीपदान किया गया। इस अवसर पर ईश्वर दास ब्रम्हचारी मौनी बाबा ने गुरु की महत्ता पर प्रकाश डालते हुए कहा कि गुरु का स्थान सर्वोपरि होता है। शंकर भगवान ने भी पार्वती जी से कहा था कि गुरु ब्रह्मा, गुरु विष्णु, गुरुदेवो महेश्वर:।
गुरु साक्षात परमब्रह्म तस्मै श्रीगुरुवे नम:।। वहीं दुबहर क्षेत्र के नगवां गांव स्थित त्रिदंडी देवधाम पर गुरुपूर्णिमा का पर्व धूमधाम से मनाया गया। गुरु पूजन-अर्चन के बाद क्षेत्र के लोगों ने त्रिदंडी स्वामी जी की प्रतिमा पर श्रद्धा के फूल चढ़ाए तथा उनके व्यक्तित्व और कृतित्व पर प्रकाश डाला।
स्वामी जी के परम शिष्य शिवजी पाठक ने कहा कि स्वामी जी जीवनभर दुग्धाहार कर नदी के किनारे फूस की झोपड़ी में रहते हुए वैष्णव धर्म का प्रचार-प्रसार किया तथा अपने जीवन में तीन सौ यज्ञ कराए। ऐसे संत विरले होते हैं। इसके पूर्व आयोजित हरिकीर्तन में जनपद के मशहूर गायक डब्बू मिश्र, बृज नारायण यादव, मनोज सिंह एवं सोनू शुक्ल ने कीर्तन गाकर सबका मन मोह लिया। इस दौरान अवध किशोर और नीतेश पाठक ने सभी कलाकारों को सम्मानित किया। इस मौके पर जवाहर लाल पाठक, सूर्यनारायण पाठक, हवलदार गिरी, राधाकृष्ण बाबा, राकेश पाठक, प्रधान प्रतिनिधि विमल पाठक, पूर्व प्रधान चंद्रकुमार पाठक, शिवनाथ यादव आदि लोग मौजूद रहे।