बलिया। सुखपुरा थाने से भागे 25 हजार के इनामी प्रिंस यादव ने सोमवार को कोर्ट में समर्पण कर दिया। उसे न्यायिक अभिरक्षा में जेल भेज दिया गया।
शहर के बहादुरपुर में करीब तीन महीने पहले तमंचा व धारदार हथियार से जानलेवा हमला करने के मामले में भी प्रिंस यादव आरोपी है। पुलिस को चकमा देकर सोमवार को उसने प्रभारी सीजेएम नवनीत कश्यप की अदालत में समर्पण कर दिया। मुहर्रम के दिन उसे पीआरवी कर्मियों ने पकड़कर सुखपुरा थाने में लाया था। लेकिन वह थाने से भाग गया था। न्यायालय ने न्यायिक अभिरक्षा में लेते हुए चौदह दिनों के रिमांड पर जेल भेजने का आदेश पारित किया।
सदर कोतवाली थाना क्षेत्र के रामपुर उदयभान निवासी हिमांशु कुमार ने कोतवाली में तहरीर दर्ज कराई थी कि 22 मार्च की शाम उसका भाई प्रियांशु अपने दोस्त विपुल के साथ बाइक से घर आ रहा था। रास्ते में कालिंदी पांडेय की गली में प्रिंस अन्य साथियों के साथ मौजूद था। साथियों के साथ प्रिंस ने विपुल पर हमला कर दिया। तहरीर पर कोतवाली पुलिस ने प्रिंस यादव, मनोज यादव, नमी यादव, विशाल, बंटी यादव व 12 अज्ञात के खिलाफ प्राथमिकी दर्ज की थी।
शनिवार की शाम को करनई में शराब के नशे में किसी के साथ मारपीट व हंगामा करने पर ग्रामीणों ने उसे पकड़कर पीआरवी कर्मियों को सौंपा था। लेकिन वह थाने से भाग गया था। पुलिस के दबाव को देखते हुए उसने कोर्ट में सरेंडर कर दिया।
इस बाबत सीओ सिटी सतीश शर्मा ने कहा कि 25 हजार के इनामी प्रिंस यादव की गिरफ्तारी को लेकर पुलिस टीम लगी हुई थी। गिरफ्तारी के डर से आरोपी ने सरेंडर कर दिया।