नगर के गड़हा मोहल्ला में करोड़ों की लागत से लोहिया मार्केट बन कर करीब-करीब तैयार है। लेकिन नगरपालिका के उदासीनता का आलम यह है कि कारोबारियों के बार-बार मांग और कबीना मंत्री नारद राय के आश्वासन के बाद भी दूकानों के आवंटन को लेकर कहीं सुगबुगाहट नहीं दिख रही है।
जिससे नगर सहित जिले के कारोबारियों में नगरपालिका सहित शासन-प्रशासन के विरुद्ध कारोबारियों में नाराजगी है। उन्होंने तत्काल लोहिया मार्केट के दूकानों के आवंटन की मांग की है।
बीसीडीए के जिलाध्यक्ष आनंद कुमार सिंह का कहना है कि नगर में एक सुंदर बाजार विकसित करने के लिए सपा सरकार ने एक दशक पूर्व लोहिया मार्केट की नीव रखी गई थी। लेकिन बीच में सपा सरकार के चले जाने पर काम धीमा पड़ गया। फिर सपा सरकार आई तो उम्मीदे बंधी। लेकिन नगरपालिका की उदासीनता से आज तक यह मार्केट मूर्त रूप नहीं ले सका, जो जनपद के लिए दुर्भाग्य की बात है।
अधिवक्ता अजय शंकर का कहना है कि जिस सोच से लोहिया मार्केट की नीव रखी गई, उसकी जितनी भी सराहना की जाए कम होगी। लेकिन अब तक मार्केट को मूर्त रूप नहीं लेना नगरपालिका सहित शासन-प्रशासन के लिए शर्म की बात है।
जब मार्केट बनकर तैयार है तो उसे कारोबारियों को आवंटित नहीं करना कहां की समझदारी है। उन्होंने शासन-प्रशासन सहित नगपालिका से जल्द से जल्द लोहिया मार्केट के दूकानों को आवंटित करने की मांग की।
समाजवादी नेता अजीत कुमार यादव ने कहा कि सपा सरकार को करीब-करीब तैयार लोहिया मार्केट को जल्द से जल्द कारोबारियों में आवंटित कर उसे मूर्त रूप देना चाहिए। नहीं तो आवंटित होने से पहले ही सपनों का लोहिया मार्केट जर्जर हो जाएगा और करोड़ों रूपये पानी की तरह बह जाएगा। ऐसे में शासन-प्रशासन को चाहिए कि समय रहते मार्केट को मूर्त रूप दे दें।