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जिले की सभी नावें होंगी जब्त, सभी बार्डर सील

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लाकडाउन के दौरान जयप्रभा सेतु से गुजर रहे किशोर से पूछताछ करते डीआईजी सुभाषचंद्र दूबे। - फोटो : BALLIA
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बलिया। लॉक की अवधि तीन मई तक बढ़ाए जाने के बाद शासन के निर्देश पर जिले में मंगलवार को पहुंचे डीआईजी सुभाष चंद्र दुबे ने कहा कि कोरोना को लेकर एहतियात के तौर पर जिले की सभी सीमाएं चार पक्का और दो पीपा पुल सील कर दिए गए हैं। माझी के जयप्रभा सेतु पर जनता का आवागमन पूरी तरह से रोक दिया गया है। इस सेतु से अब इमरजेंसी सर्विसेज के अलावा किसी तरह के वाहन पास नहीं होंगे। आम व्यक्ति को प्रवेश तभी मिलेगा जब कोई मेडिकल इमरजेंसी होगी। नदियों के जल मार्ग से कोई यूपी से बिहार न जा और आ सके, इसके लिए सभी नावें जब्त की जाएंगी।
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पुलिस लाइंस के गेस्ट हाउस में मंगलवार को अमर उजाला से विशेष बातचीत में डीआईजी ने कहा कि जिले के बिहार से सटे कई क्षेत्रों का उन्होंने भ्रमण किया है। जिले की सभी सीमाओं को पूरी तरह से सील कर दी गई हैं। सभी पक्के पुलों पर सीओ स्तर के अधिकारी कैंप करेंगे और अन्य पुलिसकर्मियों की आठ-आठ घंटे की तीन शिफ्ट में ड्यूटी लगाई जाएगी। सीमा पर पहले लोगों को समझाया जाएगा और यदि इसके बाद भी वे नहीं मानते हैं और आवागमन करते हैं तो उनके विरुद्ध धारा 188 आईपीसी के तहत कार्रवाई की जाएगी। वाहनों को सीज कर दिया जाएगा। कोई भी मंडी नहीं खुलेगी। सिर्फ थोक की मंडियां खुलेंगी और वहां भी इंट्री केवल थोक के व्यापारियों को ही दी जाएगी।
बिहार के समीपवर्ती जिले में कोरोना संक्रमित मरीज मिलने का जिक्र करते हुए कहा कि जिले के चार पक्के पुलों के साथ ही दो पीपा पुल व सभी सीमाओं को तो सील कर ही दिया गया है, लेकिन इसके बाद भी नाव से संक्रमण का खतरा बना हुआ है। इसे देखते हुए सभी स्थानीय पुलिस थानों को अपने इलाके की सभी नावों को जब्त करने का निर्देश दिया गया है। इन नावों को किसी एक स्थान पर मिट्टी में दबा कर रखा जाएगा। बाकायदा उनकी निगरानी कराई जाएगी और नाव मिट्टी से तभी निकाली जाएगी जब इसके लिए प्रशासन की ओर से अनुमति पत्र जारी किया जाएगा।
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आप घर बैठें, यही सबसे बड़ा सहयोग
डीआईजी ने कहा कि बलिया का इतिहास स्वर्णिम रहा है और यहां के लोग काफी जागरूक रहे हैं। आज एक बार फिर इनसे आजादी की लड़ाई जैसा सहयोग की अपेक्षा है। लोग घरों से बाहर न निकलें तो इस वैश्विक महामारी को फैलने से रोकने वालों में यह जिला अपना नाम दर्ज करा लेगा। ये स्वर्णिम अवसर है, इसका सदुपयोग करें। बड़ों का ख्याल रखें, बीवी-बच्चों को भरपूर समय दें और इस लॉक डाउन की अवधि में उनकी सभी शिकायतों का निवारण कर दें। फिर भी समय न कटे तो योग करें, किताबें पढ़े, धारावाहिक देखें लेकिन किसी भी हाल में घर से न निकलें। जनता का इस समय सबसे बड़ा सहयोग यही होगा कि वह किसी भी सूरत में घर की चौखट ना लांघे।
घरों में रहकर करें पुलिसकर्मियों का सम्मान
डीआईजी सुभाष चंद्र दुबे ने कहा कि इधर देखने में आ रहा है कि अति उत्साह में लोग कोरोना से बचाव और सुरक्षा में लगे लोगों का सम्मान करने के लिए सड़कों पर उतर जा रहे हैं। फूलमालाएं पहनाई जा रही हैं, ये कतई सही नहीं है। उन्होंने सभी पुलिसकर्मियों को भी इससे बचने की सलाह दी। कहा कि इससे सामाजिक दूरी पूरी तरह ध्वस्त हो जाएगी। यदि आपको इन लोगों का सम्मान ही करना है तो अपने घरों से ही करें। छतों, बालकनियों में खड़े होकर इनके लिए ताली बजाकर या बोलकर भी सम्मान प्रदर्शित किया जा सकता है लेकिन सम्मान देने के लिए भी सड़क पर ना आएं।
खेती के लिए सीमा पार जाने की अनुमति
डीआईजी ने बताया कि जिले में कई इलाकों में यह देखने में आया है कि इधर के लोगों के खेत बिहार की सीमा और बिहार के लोगों के खेत यूपी की सीमा में हैं। उन्हें खेती कार्य के लिए बार्डर क्रास करने की अनुमति होगी, लेकिन इसके लिए उन्हें स्थानीय प्रशासन के माध्यम से अनुमति पत्र लेना होगा। बिना अनुमति पत्र के किसी को भी बार्डर क्रास नहीं करने दिया जाएगा।
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