सालों पहले जनपद के माध्यमिक शिक्षा विभाग में हुए करोड़ों के जीपीएफ घोटाले की जांच को अंतिम रुप देने को विभाग ने पूरी ताकत झोंक दी है। हाईकोर्ट द्वारा सीबीआई जांच की चेतावनी देने के बाद से विभाग सकते में है।
डीआईओएस ने विजिलेंस जांच में चिह्नित शिक्षकों का ब्योरा भी संबंधित विद्यालयों के प्रबंधक तथा प्रधानाचार्य से उपलब्ध कराने को कहा है। बताया जाता है कि माध्यमिक शिक्षा विभाग में सालों पहले हुए जीपीएफ घोटाले की जांच विजिलेंस ने की थी और रिपोर्ट भी शासन को भेज दी थी। लेकिन कोई कार्रवाई नहीं होने पर भीम सिंह ने हाईकोर्ट में याचिका दायर की। इस मामले की सुनवाई में पिछली तिथि पर हाईकोर्ट ने तल्ख तेवर अपनाया और विजिलेंस जांच में दोषियों पर कार्रवाई नहीं करने पर सीबीआई जांच कराने की चेतावनी देते हुए आठ अगस्त को सुनवाई की तिथि तय की।
इसे देखते हुए शासन ने मामले को अंतिम रुप देने के लिए माध्यमिक शिक्षा के अपर निदेशक रमेश कुमार की अध्यक्षता में कमेटी गठित कर विजिलेंस जांच की परीक्षण शुरु कर दिया। टीम दो दिनों तक कोषागार में रहकर पत्रावलियों को खंगाला और शुक्रवार को वापस लौट गई। उधर, जीपीएफ घोटाले को लेकर डीआईओएस ने विजिलेंस जांच में चिह्नित शिक्षकों के बाबत संबंधित विद्यालयों के प्रबंधक तथा प्रधानाचार्य से उनकी नियुक्ति से संबंधित पत्रावली, पत्राचार के साथ ही भुगतान का भी ब्योरा मांगा है। इसको लेकर एकबार फिर शिक्षा विभाग में खलबली मची हुई है। सूत्रों की मानें तो हाईपावर कमेटी 279 शिक्षकों का ब्योरा जुटा रही है। बताया यह भी जाता है कि अगले दो दिनों के अंदर विभाग बड़ी कार्रवाई कर आठ अगस्त को हाईकोर्ट में रिपोर्ट प्रस्तुत कर सकता है।