बलिया। अपर सत्र एवं विशेष न्यायाधीश पॉक्सो एक्ट प्रथमकांत की अदालत ने अनुसूचित जाति की 14 वर्षीय किशोरी को बहला फुसलाकर कर बार-बार शारीरिक संबंध बनाने, गर्भवती करने के मामले में सुनवाई की। इस मामले में अभियुक्त मनजीत गुप्ता उर्फ नीरज गुप्ता पुत्र रामायण गुप्ता निवासी पूर पकड़ी को दोषी पाया। सजा के बिंदु पर सुनवाई करते हुए मनजीत गुप्ता को उम्रकैद और 75000 रुपये के अर्थदंड से दंडित किया। अर्थदंड अदा न करने पर एक वर्ष के अतिरिक्त कारावास की सजा भुगतनी होगी।
वादी मुकदमा ने थाना पकड़ी में 26 फरवरी 2025 को शिकायत दर्ज कराई थी कि मनजीत गुप्ता उनकी नाबालिग पुत्री को बहला फुसलाकर कर तीन माह तक शारीरिक संबंध बनाता रहा। इससे उनकी पुत्री गर्भवती हो गई। प्राथमिकी दर्ज कर मामले की जांच शुरू की गई। विवेचक ने मनजीत गुप्ता के विरुद्ध आरोप पत्र न्यायालय में प्रेषित किया। न्यायालय ने छह मई 2025 को आरोप तय करते हुए साक्ष्य की कार्यवाही प्रारंभ की। अभियोजन की तरफ से छह साक्षियों को परीक्षित कराया गया। दोनों पक्ष के अधिवक्ता की बहस सुनने के बाद न्यायालय ने सजा सुनाई।