गंगा के जलस्तर में उतराव-चढ़ाव का क्रम जारी है। जिसके चलते गंगा की उफनाती लहरें चौबे छपरा के साथ ही लाला बागीचा की आबादी की तरफ घूम गई है। लाला बागीचा एवं नदी के बीच की दूरी मात्र 15 मीटर रह गई है। गंगा के खौफ के चलते लोग अपने घरौदों को उजाडना शुरू कर दिया है।
एक सप्ताह से उत्तराखंड में बारिश के चलते गंगा नदी उफान पर हो गई है। जिसके चलते अरार का छपाक-छपाक गिरना आरंभ हो गया है। चौबे छपरा निवासी उमेश प्रसाद, महेश प्रसाद, अभिराम, लालजी, शंभू, राजकिशोर, नंदकिशोर, सनकेशरी देवी, अरूण, जगपत अपने घरौदों को तेजी से उजाडना आरंभ कर दिया है। उधर लाला बागीचा निवासी मतलू पासवान अपने मकान को उजाडने लगे है।
सेनानी पं. रामरेखा शर्मा का शहीद स्मारक भी गंगा की लहरों में समा सकता है। केंद्रीय जल आयोग गायघाट के अनुसार बुधवार की शाम चार बजे गंगा का जलस्तर 56.80 मीटर दर्ज की गई। जो खतरे के निशान से 80 सेमी मीटर नीचे बह रही है। प्रति घंटा दो सेमी का घटाव भी दर्ज किया गया। पूर्वानुमान है कि इलाहाबाद एवं वाराणसी में गंगा का जलस्तर में वृद्धि हो रही है। जिसके चलते गुरुवार की शाम से बलिया में बढ़ाव जारी हो सकता है।