कैंप लगाकर वसूली, अवैध कनेक्शनधारियों के खिलाफ विभागीय कार्रवाई के तामझाम के बावजूद अभी भी शहर के दर्जनों मुहल्लों में कटिया मार कनेक्शनधारियों की भरमार है। इनके खिलाफ कोई ठोस कार्रवाई हो, किसकी मजाल। क्योंकि विभाग के अधिकारी ही यहां दो-दो रोल अदा करते हैं। समय-समय पर दिखावटी कार्रवाई करते हैं।
फिर उन्हीं लोगों से पैसा लेकर उन्हीं अवैध कनेक्शनधारियों को फिर से कनेक्शन दे देते हैं। सूत्र की मानें तो स्थानीय अधिकारी इसमें बड़ी भूमिका निभाते हैं और सिर्फ दो हजार के बदले जितनी मर्जी उतनी बिजली जलाओ के तहत अवैध बिजली कनेक्शन दे देता हैं।
पूरे नगर में बिजली की समस्या को लेकर उपभोक्ता आए दिन परेशान रहते हैं।
कभी लो वोल्टेज तो कभी फाल्ट की समस्या। अब तक नगर में बमुश्किल 13 या 14 घंटे ही लोगों को बिजली मिल पाती है। इसके पीछे वजह है कि आपूर्ति से ज्यादा खपत। लोग जहां-तहां कटिया मार कनेक्शन ले लेते हैं और इसका खामियाजा वैध कनेक्शनधारियों को भुगतना पड़ता है। कभी-कभी तो लो वोल्टेज की समस्या से भी वैध कनेक्शनधारियों को दो-चार होना पड़ता है।
नगर के आनंदनगर, बहेरी, उमरगंज, काजीपुरा, जलालपुर, परमांदापुर, टैगोरनगर, तीखमपुर में कटियामार कनेक्शनों की भरमार है और यह नजारा आप कभी भी देख सकते हैं। इन गांवों में हर तार में कटिया देखा जा सकता है। लेकिन अफसोस ये कटिया विभाग के अधिकारियों को कभी नजर नहीं आता। कभी-कभी अभियान चलाकर कार्रवाई भी करते हैं। लेकिन कार्रवाई का असर दो दिन बाद ही खत्म हो जाता है।