बैरिया। केहरपुर व गोपालपुर के कटान पीड़ित घर से 14 किलोमीटर दूर मुनिछपरा नहीं बसने जाएंगे। तीन दिन पूर्व सर्वसम्मति से ग्रामीणों ने प्रस्ताव पारित कर मुख्यमंत्री को भेज दिया है। वहीं, मंगलवार की शाम मुनिछपरा के ग्रामीणों ने गोपालपुर व केहरपुर के कटान पीड़ितों को अपने गांव में नहीं बसने देने का प्रस्ताव पारित किया और बुधवार को मुख्यमंत्री को भेज दिया।
बता दें कि तहसील प्रशासन ने गोपालपुर व केहरपुर के कुल 252 कटान पीड़ितों को पहले दयाछपरा के पास खाली पड़ी ग्राम सभा की जमीन पर बसाने के लिए कवायद शुरू की। लेकिन दयाछपरा के ग्रामीणों के विरोध आदि के चलते तहसील प्रशासन ने इस निर्णय को वापस ले लिया। इसके बाद तहसील प्रशासन ने दोनों गांव के कटान पीड़ितों को कटान स्थल से 14 किमी दूर मुनिछपरा में ग्राम समाज की जमीन पर बसाने की प्रक्रिया शुरू की। इसपर कटान पीड़ितों मुनिछपरा में बसने से इंकार कर दिया। वहीं मुनिछपरा के ग्रामीणों ने भी कटान पीड़ितों को गांव में नहीं बसाने का ऐलान कर दिया। कटान पीड़ितों की लड़ाई लंबे समय से लड़ने वाले कांग्रेस नेता विनोद सिंह ने उपजिलाधिकारी को बताया है कि शासनादेश के अनुसार कटान पीड़ितों को जमीन खरीदकर गांव के पास ही बसाने की व्यवस्था हो। इस बाबत एसडीएम प्रशांत कुमार नायक ने कहा कि कटान पीड़ितों को ग्राम समाज पर ही बसाया जाएगा।