बैरिया (बलिया)। बैरिया तहसील बार एसोसिएशन के बैनर तले पांच सूत्री मांगों को लेकर अधिवक्ताओं का आंदोलन शुक्रवार को भी जारी रहा। तहसील परिसर में धरने पर सुबह 10 बजे से शाम चार बजे तक अधिवक्ता बैठे रहे।
बैरिया तहसील के अधिवक्ताओं के समर्थन में बलिया, बांसडीह, सिकंदरपुर के अधिवक्ताओं की ओर से भी विरोध दर्ज कराया जा रहा है। आंदोलन के चलते न्यायिक कार्यों के साथ-साथ कई प्रशासनिक कार्य भी प्रभावित हुए, जिससे वादकारियों और आम लोगों को काफी परेशानी का सामना करना पड़ा।
बैरिया में धरने में वरिष्ठ अधिवक्ता देवेंद्र मिश्रा, बार एसोसिएशन के अध्यक्ष राकेश मिश्रा, वरिष्ठ अधिवक्ता संजय सिंह, अवकाश सिंह, राजकुमार सिंह, राम प्रकाश सिंह, जाकिर हुसैन, बबलू पांडे सहित बड़ी संख्या में अधिवक्ता शामिल रहे।
आंदोलनरत अधिवक्ताओं ने स्पष्ट किया कि जब तक उनकी सभी मांगों पर प्रशासन ठोस कार्रवाई नहीं करता, तब तक धरना जारी रहेगा। अधिवक्ताओं की प्रमुख मांगों में अधिवक्ताओं पर दर्ज कथित फर्जी प्राथमिकी को वापस लेना, तहसील में व्याप्त भ्रष्टाचार का उन्मूलन, तत्कालीन एसडीएम के नोटिस के आलोक में संविदा पर कार्यरत भू-अभिलेख कंप्यूटर ऑपरेटर शैलेश भारती की सेवा समाप्त करना तथा 13 जुलाई को तत्कालीन एसडीएम द्वारा मांगे गए स्पष्टीकरण से जुड़े प्रकरण में संबंधित व्यक्ति के खिलाफ एफआईआर दर्ज करना शामिल है।
धरना स्थल पर मौजूद अधिवक्ताओं का कहना था कि उनकी मांगें लंबे समय से लंबित हैं, लेकिन प्रशासन की ओर से केवल आश्वासन दिए जा रहे हैं। उनका आरोप है कि तहसील में व्याप्त अनियमितताओं और भ्रष्टाचार के खिलाफ आवाज उठाने पर अधिवक्ताओं को ही परेशान किया जा रहा है। अधिवक्ताओं ने चेतावनी दी कि यदि शीघ्र समाधान नहीं निकला तो आंदोलन को और व्यापक रूप दिया जाएगा।