बलिया। दुर्जनपुर हत्याकांड में जान गंवाने वाला जयप्रकाश उर्फ गामा पाल छह बेटियों और दो लड़कों का पालन-पोषण भेड़ चरा कर करता था। पेड़ से गिरने के कारण उसकी कमर में चोट लगी थी तो वह खेती या कोई अन्य मेहनत वाला काम नहीं कर पाता था। जयप्रकाश के छह अन्य भाई हैं, जो अपने परिवार के साथ अलग-अलग रहते हैं।
दुर्जनपुर कांड के मुख्य आरोपी धीरेंद्र प्रताप सिंह के चचेरे भाई प्रयाग सिंह से जयप्रकाश पाल की 15 वर्ष से दुश्मनी चली आ रही थी। एक खेत के विवाद को लेकर 15 वर्ष पहले दोनों पक्षों में गोली चली थी। प्रकरण को लेकर रेवती थाने में दोनों पक्षों के खिलाफ हत्या के प्रयास के आरोप में मुकदमा दर्ज हुआ था। मामले में जयप्रकाश भी आरोपी था और जिला न्यायालय से सजा के बाद प्रकरण उच्च न्यायालय में विचाराधीन है। उच्च न्यायालय से ही जयप्रकाश अंतरिम जमानत पर था। इसके अलावा जयप्रकाश का कोई भी आपराधिक इतिहास नहीं था। गांव के लोग भी उसे सीधासादा मानते थे।