बैरिया। उत्तर प्रदेश और बिहार को सड़क मार्ग से जोड़ने वाला मांझी व चांददियर के बीच सरयू नदी पर बना जयप्रभा सेतु की मरम्मत का कार्य चार दिनों में पूरा हो जाएगा। इसके बाद भारी वाहनों का आवागमन शुरू हो जाएगा जिससे लोगों को राहत मिलेगी।
उत्तर प्रदेश और बिहार को जोड़ने वाला जय प्रभा सेतु बुरी तरह से क्षतिग्रस्त हो गया था। इसके कई पाए क्षतिग्रस्त थे और वाहनों के आवागमन के समय पुल हिलता था। इससे बड़ी दुर्घटनाओं की आशंका बढ़ गई थी। जनता की बार-बार की शिकायतों पर एनएचएआई ने जयप्रभा सेतु की मरम्मत का कार्य शुरू किया। पांच माह पहले 14 फरवरी को जयप्रभा सेतु के पश्चिमी छोर पर बलिया के सांसद वीरेंद्र सिंह मस्त तथा छपरा बिहार के सांसद जनार्दन सिंह सिग्रीवाल ने लगभग 1.75 करोड़ की लागत से होने वाले इस मरम्मत कार्य का शुभारंभ किया। तब यह दावा किया गया था कि होली से पहले मरम्मत मरम्मत का कार्य पूरा हो जाएगा। तब तक के लिए इस सेतु से भारी वाहनों का आवागमन पूरी तरह से प्रतिबंधित कर दिया गया, जो अभी तक जारी है। बीच में कोरोना संक्रमण और लॉकडाउन के चलते मरम्मत कार्य में लंबा व्यवधान आया। हालांकि अनलॉक के बाद इस पर पुन: कार्य शुरू किया गया। अब बताया जाता है कि जयप्रभा सेतु के मरम्मत पूरा होने को है। इस बाबत एनएचएआई के परियोजना निदेशक नवीन मिश्रा ने बताया कि जयप्रभा सेतु के मरम्मत का कार्य लगभग पूरा हो चुका है। थोड़ा बहुत जो कार्य बचा है वह भी चार दिनों में पूरा हो जाएगा। इसके बाद इस सेतु को भारी वाहनों के आवागमन को चालू कर दिया जाएगा। उन्होंने बताया कि एनएच 31मरम्मत का कार्य के प्रथम चरण में सड़क पर बने गड्ढों में गिट्टी डालकर गड्ढों को भरा जा रहा है, पिचिंग का कार्य बरसात बाद ही शुरू हो पाएगा।