पुलिस अधीक्षक आवास के सामने टूटी सड़के।
नगर के सड़कों की हालत काफी जर्जर है। सड़कों के निर्माण के लिए धन भी पर्याप्त मात्रा में उपलब्ध है। फिर भी सड़क निर्माण की दिशा में कोई कवायद न होने से नगर के लोग मायूस है। आलम यह है कि नगर की करीब आधा दर्जन मुख्य सड़कें अति जर्जरावस्था में है। बरसात का मौसम नजदीक है फिर भी सड़कों के निर्माण की दिशा में कवायद नहीं किए जाने से नगर के लोगों में आक्रोश है।
नगर की जर्जर सड़कों को बनाने के लिए कई बार टेंडर किए गए। लेकिन टेंडर में गड़बड़ी होने के चलते उसे निरस्त करना पड़ा। हालत ये है कि जर्जर सड़कों पर थोड़ी सी बारिश होने पर बरसात का पानी लग जाता है। ऐसे में नगरवासियों को काफी मुश्किलों का सामना करना पड़ता है।
सड़कों का निर्माण कराने के निए नपा प्रशासन ने कई बार टेंडर भी निकाला लेकिन कोई न कोई गड़बड़ी दिखाकर उसे निरस्त करना पड़ा। नगर पालिका क्षेत्र के अंतर्गत आने वाली सड़कों को सुंदर और मजबूत बनाने के लिए टेंडर निकाला गया। जिसका निर्माण हाटमिक्स प्लांट से कराना था।
जिसके लिए दो कंसट्रक्शन फर्मों ने टेंडर भरा था। जिसमें एक पक्ष का टेंडर नियम विरुद्ध होने पर उसपर कोई विचार नहीं किया गया। जहां नगर के लोग जर्जर सड़कोें से तबाह है वहीं टेंडर का पेंच पूरी तरह से विकास में बाधक बन रहा है। अब इस प्रकरण को जिलाधिकारी के यहां निस्तारण के लिए भेज दिया गया।
जो अब भी जिलाधिकारी कार्यालय में पड़ा हुआ है। बरसात नजदीक आ जाने के बाद लोगों में इस बात को लेकर चिंता साफ दिख रही है कि अब नगर की सड़कों का जीर्णोद्धार बरसात बाद ही संभव है। नगर पालिका अध्यक्ष साधना गुप्ता ने बताया कि सड़कों का निर्माण मानक के अनुरुप तथा विभागीय शर्तों के मुताबिक ही कराया जाएगा। इसके लिए टेंडर की फाइल जिलाधिकारी कार्यालय भेज दी गई है। काफी दिनों से निस्तारण में लगी हुई है। निस्तारण होने के बाद निर्माण कार्य शुरू करा दिया जाएगा।