नरही में जच्चा-बच्चा को बंधक बनाने के मामले में पीड़िता का बयान लेने पहुंचे अधिकारी।
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नरही। सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्र नरही में प्रसव के लिए 2500 रुपये मांगने के मामले में नर्स पुष्पा राय निलंबित हो गई थी। इस मामले में जांच टीम ने मंगलवार को पीड़ित परिवार का बयान लिया।
बयान में पीड़ित बबलू गिरी ने 12 अगस्त की घटना को पुन: दोहराया और अपनी बात पर कायम रहा। बता दें कि मुख्य चिकित्सा अधिकारी जितेंद्र पाल ने मंगलवार को एक तीन सदस्यीय जांच टीम भेजा। इसमें डॉक्टर एसके तिवारी, डॉक्टर राजनाथ, डॉ वीरेंद्र कुमार ने सीएचसी नरही पर रामपुर ईटही गांव निवासी बबलू गिरी, पत्नी रानी गिरी एवं सास निर्मला देवी का बयान कलम बंद किया। बयान में पीड़ित पक्ष ने 12 अगस्त की घटना को ही सही बताया। कहा कि 2000 रुपया पहले दे चुके थे, फिर 2500 रुपये की मांग की गई थी। जिसके लिए मैं मंगलसूत्र बेच दिया था। जांच टीम के सदस्यों ने बताया कि इस मामले में नर्स पुष्पा राय को 14 अगस्त को निलंबित कर दिया गया है। अब उनका बयान और आशा बहू पूनम का बयान लिया जाएगा।