बलिया। अपूर्वा अस्पताल में पथरी के ऑपरेशन के बाद अनीशा की मौत के बाद प्रशासन ने निजी अस्पतालों की जांच शुरू कर दी है। जिला प्रशासन के नेतृत्व में स्वास्थ्य विभाग की टीम ने दो दिन में सीएमओ कार्यालय के आसपास संचालित 20 निजी अस्पतालों की जांच की। इसमें से 18 यानी 90 फीसदी मानक विहीन मिले।
जांच के दौरान अस्पतालों के रजिस्ट्रेशन में त्रुटि व मानक विहीन मिलने के बावजूद अब तक किसी के खिलाफ कार्रवाई नहीं कर सकी। सिर्फ नोटिस जारी किया है। दो दिन में एक भी निजी पैथाेलॉजी, अल्ट्रासाउंड जांच केंद्रों की जांच नहीं हुई। दो अस्पताल संचालकों की ओर से जांच टीम से अभद्रता व धमकाने का मामला सामने आया है, उसका वीडियो वायरल हो रहा है।
स्वास्थ्य विभाग की टीम नायब तहसीलदार की मौजूदगी में अपूर्वा अस्पताल को सील करने पहुंची तो अस्पताल का ताला बंद मिला। किसी कर्मचारी या चिकित्सक के न मिलने पर टीम लौट गई। वहीं, जांच के दौरान सीएमओ कार्यालय के पास चिकित्सा संगठन के पदाधिकारी के नर्सिंग होम की जांच के दौरान ओपीडी के रजिस्ट्रेशन पर इमरजेंसी, वार्ड व एसनसीयू वार्ड का संचालन मिला। जांच टीम ने चिकित्सक से पत्रावली मांग। संचालक पत्रावली नहीं दिखा सके। लेकिन टीम ने अस्पताल को सील नहीं किया।
सीएमओ कार्यालय के सामने एक नर्सिंग होम की जांच के दौरान निजी आयुर्वेदिक अस्पताल की जांच हुई। ओटी में अंग्रेजी दवाएं व उपकरण मिले। एसीएमओ डॉक्टर पद्मावती ने महिला चिकित्सक से पूछताछ की। उक्त अस्पताल के खिलाफ कार्रवाई का निर्देश दिया। एक डेंटल क्लीनिक पर जांच टीम के साथ कहासुनी भी हुई। एसीएमओ डॉक्टर अभिषेक मिश्र ने मामले को संभालते हुए क्लीनिक की पत्रावली उपलब्ध कराने के लिए कहा।
मुझे कुछ होगा तो आप लोगों पर होगी कार्रवाई
स्वास्थ्य विभाग की संयुक्त टीम जांच के दौरान जगदीशपुर स्थित एक डेंटल क्लीनिक पर पहुंची। कर्मचारी की सूची मांगने पर संचालक डाॅक्टर भड़क गया। इसका वीडियो वायरल हो रहा है। वीडियो में चिकित्सक ने खुद को मेडिकल अनफिट बताते हुए हाईपर टेंशन का मरीज बताया। उसने कहा कि मुझे कुछ होगा तो आपलोगों पर कार्रवाई होगी। कर्मचारी के सवाल पर कहा कि यह अनपढ़ों की जगह है, कहां से पढ़ा-लिखा स्टाफ लाया जाए। मेरे क्लीनिक का रजिट्रेशन है, सीएमओ के अनुमति से चला रहा हूं। हालांकि वीडियो की पुष्टि संवाद न्यूज एजेंसी नहीं करती
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डीएम के निर्देश पर प्रशासनिक अधिकारी की मौजूदगी में संयुक्त टीम निजी अप्पतालों, क्लीनिकों व जांच केंद्रों की जांच कर रही है। दो दिन में 20 नर्सिंगहोमों की जांच की गई है। 18 मानक विहीन मिले। कुछ की रजिस्ट्रेशन पत्रावली में त्रुटि मिली है। सभी के खिलाफ नोटिस जारी किया गया है। अपूर्वा अस्पताल बंद होने के कारण उसे सील नहीं किया जा सका है। जल्द ही उसके खिलाफ कार्रवाई होगी। डॉक्टर योगेंद्र दास, एसीएमओ।