किडनी हो सकती है खराब
जिला अस्पताल के फिजिशियन डॉ. पंकज झा ने बताया कि बर्फ के अंदर रखी गईं मछली खाने से किडनी तेजी से खराब होती है। इतना ही नहीं किडनी के साथ ही शरीर के विभिन्न अंगों पर भी इसका गलत असर पड़ता है। फॉर्मेलिन एक खतरनाक हानिकारक रसायन है। यह शव को लंबे समय तक सुरक्षित रखने के लिए इस्तेमाल किया जाता है। इसके सेवन से लीवर के साथ ही किडनी समेत कई महत्वपूर्ण अंगों पर बुरा प्रभाव पड़ता है।
विभाग की जांच में सब कुछ ठीक मिला
खाद्य एवं औषधि प्रशासन विभाग की ओर से बीते जनवरी माह 10 नमूने जांच के लिए भेजा गया था। विभाग के अनुसार रिपोर्ट में कोई गड़बड़ी नहीं आई। सब कुछ ठीक पाया गया था।
जनपद में मछली बिक्री के 15 लाइसेंस जारी हुए हैं। पंजीकृत कारोबारियों को विभाग की ओर से समय-समय पर जागरूक किया जाता है। उधर, धंधेबाज जिम्मेदारों की आंखों में धूल झोककर अपना धंधा चमकाकर मोटी रकम बना रहे हैं।
बोले अधिकारी
जांच रिपोर्ट में रसायन की पुष्टि नहीं नहीं हुई है। समय-समय पर जांच की जाती है। पंजीकृत कारोबारियों को जागरूक किया जाता है। अभियान चलाकर जांच की जाएगी। - दिनेश कुमार राय, मुख्य खाद्य सुरक्षा अधिकारी, बलिया।
जिले में करीब 2100 पोखरियों में मछली का पालन होता है। पिठले वर्ष जिले में 26000 टन का उत्पादन जिले में हुआ है। मत्स्य उत्पाद के क्षेत्र में जिला आत्मनिर्भर नहीं है। विभाग की योजनाओं के जरिए जिले में मछली पालन को बढ़ावा दिया जा रहा है। ताजा रखने के लिए केमिकल उपयोग करना उचित नहीं है। - विकास मिश्रा, मुख्य कार्यकारी अधिकारी, मत्स्य विभाग, बलिया।